रामनगर: पीएनजी डिग्री कॉलेज रामनगर को मिला जिला ग्रीन चैंपियन अवार्ड
रामनगर, अमृत विचार। महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण शिक्षा परिषद की ओर से पीएनजी राजकीय डिग्री कॉलेज रामनगर को कॉलेज परिसर में पौधरोपण, अपशिष्ट प्रबंधन, हरियाली, स्वच्छता, जल व ऊर्जा संरक्षण आदि में उत्कृष्ट कार्यों के लिए जिला ग्रीन चैंपियन पुरस्कार से सम्मानित किया। परिषद की ओर से आयोजित वर्चुअल कार्यक्रम में इसकी घोषणा की गई। …
रामनगर, अमृत विचार। महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण शिक्षा परिषद की ओर से पीएनजी राजकीय डिग्री कॉलेज रामनगर को कॉलेज परिसर में पौधरोपण, अपशिष्ट प्रबंधन, हरियाली, स्वच्छता, जल व ऊर्जा संरक्षण आदि में उत्कृष्ट कार्यों के लिए जिला ग्रीन चैंपियन पुरस्कार से सम्मानित किया। परिषद की ओर से आयोजित वर्चुअल कार्यक्रम में इसकी घोषणा की गई। कार्यक्रम में शामिल मुख्य विकास अधिकारी डॉ. संदीप तिवारी ने कॉलेज प्राचार्य को पुरस्कार दिया।
सीडीओ डॉ. संदीप तिवारी ने कहा कि सभी डिग्री कॉलेजों को पीएनजी राजकीय डिग्री कॉलेज से प्रेरित होकर परिसर की स्वच्छता, वर्षा जल संग्रहण, हरियाली, सोलर एनर्जी, सैनिटाईजेशन पर ध्यान देने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि क्लीन एंड ग्रीन कैंपस बनाने के लिए सभी को सामूहिक प्रयास करना चाहिए।
विद्यार्थी तथा शिक्षकों को पढ़ाई के साथ ही स्वच्छता पर भी ध्यान देना चाहिए क्योंकि स्वच्छ वातावरण व्यक्ति एवं समाज को बीमारियों व तनाव से दूर रखने में मददगार है। महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण शिक्षा परिषद के परियोजना समन्वयक डॉ. शत्रुघन भारद्वाज व डॉ. समर्थ शर्मा ने स्वच्छ मैनुअल, स्वच्छ एवं ग्रीन कैंप के साथ ही ग्रीन चैंपियन अवार्ड चयन के लिए निर्धारित मानकों के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
पीएनजी कॉलेज के प्राचार्य एमसी पांडे ने ग्रीन चैंपियन पुरस्कार मिलने पर स्टाफ, विद्यार्थियों को शुभकामना दी। उन्होंने कहा कि कॉलेज में इको क्लब की ओर से राष्ट्रीय सेवा योजना, एनसीसी के विद्यार्थियों के सहयोग से विभिन्न प्रकार के पर्यावरण संरक्षण संबंधी एवं जन जागरूकता अभियानों को संचालित किया। उन्होंने बताया कि नवाचार में कॉलेज अपनी हरित संपदा का विवरण उपलब्ध कराएगा।
वृक्षों पर उनकी प्रजाति और वानस्पतिक परिचय अंकित किया जाएगा और वृक्ष गणना भी की जाएगी। वर्चुअल कार्यक्रम में डॉ. महेश कुमार, डॉ.शिव तिवारी, डॉ. सुनील कुमार, डॉ. दीपा, डॉ. आभा, डॉ. बीना, डॉ. एनएस बनकोटी आदि मौजूद थे।
