सीएम को घर से बाहर निकलकर लेनी चाहिए जनता की सुध: सतीश पूनियां

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जयपुर। राजस्थान में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रदेश अध्यक्ष डा सतीश पूनियां ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के घर से बाहर निकलने से प्रोटोकॉल टूटने के बयान पर पलटवार करते हुए कहा है कि वह प्रदेश के गृह मंत्री भी हैं और उन्हें घर से बाहर निकलकर प्रदेश की जनता की सुध लेनी चाहिए। डा …

जयपुर। राजस्थान में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रदेश अध्यक्ष डा सतीश पूनियां ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के घर से बाहर निकलने से प्रोटोकॉल टूटने के बयान पर पलटवार करते हुए कहा है कि वह प्रदेश के गृह मंत्री भी हैं और उन्हें घर से बाहर निकलकर प्रदेश की जनता की सुध लेनी चाहिए।

डा पूनियां ने मीडिया से कहा कि मुख्यमंत्री की जनविरोधी कार्यशैली पर लगातार सवाल खड़े हो रहे है जो पिछले डेढ़ साल से घर से बाहर नहीं निकले, मुख्यमंत्री खुद राज्य के गृहमंत्री भी है लेकिन प्रदेश में मासूम बच्चियों के साथ दुष्कर्म की घटनाओं सहित अन्य अपराध लगातार बढ़ते जा रहे हैं और कानून व्यवस्था की स्थिति पूरी तरह बिगड़ी हुई है।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री को घर से बाहर निकलकर प्रदेश के लोगों की सुध लेनी चाहिए। उन्हें लगता है कि जिस तरीके से मुख्यमंत्री वर्चुअल तरीके से जो कार्य करेंगे इसके बारे में वह कहते भी है कि एक वर्चुअली रिकॉर्ड बनाया है। यह सब इतिहास मे दर्ज हो जायेगा कि राजस्थन में ऐसी कोई वर्चुअल कांग्रेस सरकार थी, कोई वर्चुअल मुख्यमंत्री रहे होंगे। उन्होंने कहा कि पिछले डेढ़ वर्ष से मुख्यमंत्री घर से दफ्तर भी नहीं गए।

कानून व्यवस्था को कोई समीक्षा भी नहीं की गई और राजस्थान की जनता, युवा किसान और बहन बेटियां परेशान है। उन्होंने कहा कि कोटा संभाग का बहुत बड़ा इलाका बाढ़ से त्रस्त हैं बहुत सारी ऐसी दुर्घटनाएं हुई, इन सबके बाद भी प्रदेश का मुखिया अपने घर में कैद रहे और यह तर्क दे कि अगर वह घर से बाहर जायेंगे तो प्रोटोकाल टूटेगा और राज्य के लोग कोरोना फैलाने का आरोप लगायेंगे।

उन्होंने कहा “मुझे लगता है कि कोरोना से बड़ी बीमारी तो राजस्थान में खुद कांग्रेस की सरकार अपने आप में संक्रमण फैला रही है।” विधानसभा में उपनेता प्रतिपक्ष राजेन्द्र सिंह राठौड़ ने कहा कि महिला एवं बेटियों के साथ होने वाली हत्या, बलात्कार, अपहरण और दुष्कर्म की घटनाएं पूरे राजस्थान को शर्मसार कर रही हैं। बेखौफ अपराधी कानून को धता बताकर ऐसी घटनाओं को अंजाम दे रहे हैं।

महिलाओं के प्रति इस तरह के बढ़ते अपराध कथित मुस्तैद कानून व्यवस्था की कहानी स्वयं ही बयां कर रहे हैं। श्री राठौड़ ने कहा कि चार वर्षीय मासूम बच्ची की बलात्कार के बाद हत्या, अब इससे अधिक भयावक स्थिति और क्या होगी। प्रदेश की राजधानी जयुपर में भी इस तरह की घटनाएं आम हो गई हैं। उन्होंने कहा कि राजस्थान में कांग्रेस सरकार के शासन में महिलाओं और बेटियों की सुरक्षा आज सबसे बड़ा सवाल बन गया है।

राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (रालोपा) के संयोजक एवं नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल ने कहा कि जयपुर जिले के नरेना में 4 वर्ष की मासूम बच्ची के साथ दुष्कर्म करके हत्या कर देने के प्रकरण में पुलिस महानिदेशक से दूरभाष पर वार्ता हुई है,मानवता को झकझोर करने वाले ऐसे मामले में मुख्यमंत्री कार्यालय को भी संज्ञान लेने की जरुरत है।

उन्होंने कहा कि प्रदेश में महिलाओं एवं बालिकाओं साथ दुष्कर्म जैसे मामले लगातार बढ़ रहे है जो चिंताजनक है। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में सरकार एवं पुलिस को संवेदनशील होकर आरोपियों की गिरफ्तारी करके ऐसे मानवता पर कलंक अपराधी तत्वों को फांसी की सजा दी जानी चाहिए।

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