कड़ाई जरूरी
कोरोना संक्रमण की रफ्तार धीमी पड़ गई है, गुरुवार को संक्रमण की दैनिक दर दो प्रतिशत दर्ज की गई। यह पिछले 19 दिनों से तीन प्रतिशत से कम बनी हुई है। देश में एक दिन में स्वस्थ होने की दर 97.46 फीसदी हो गई, जो अब तक की सर्वाधिक है, लेकिन महामारी से अभी छुटकारा …
कोरोना संक्रमण की रफ्तार धीमी पड़ गई है, गुरुवार को संक्रमण की दैनिक दर दो प्रतिशत दर्ज की गई। यह पिछले 19 दिनों से तीन प्रतिशत से कम बनी हुई है। देश में एक दिन में स्वस्थ होने की दर 97.46 फीसदी हो गई, जो अब तक की सर्वाधिक है, लेकिन महामारी से अभी छुटकारा नहीं मिला है।
ऐसे में उत्तर प्रदेश में 1 सितंबर से कक्षा 6 से कक्षा 8 तक के स्कूल को खोलने का निर्णय समझदारी से परे है। प्रदेश में स्वतंत्रता दिवस के बाद 16 अगस्त से माध्यमिक, उच्च, प्राविधिक और व्यावसायिक शिक्षण संस्थानों में पढ़ाई शुरू हो रही है। साथ ही प्रदेश में कोचिंग संस्थानों को संचालित करने की अनुमति दे दी गई है। देश में हालात किसी से छिपे नहीं हैं। पिछले दिनों हिमाचल प्रदेश, हरियाणा, पंजाब और छत्तीसगढ़ समेत कई राज्य सरकारों ने स्कूलों को खोलने की कवायद की।
कई राज्यों में पहले 10वीं और 12वीं के बच्चों की पढ़ाई शुरू करवाई गई, फिर कक्षा 6 से ऊपर के बच्चों को भी बुलाना शुरू हुआ। लेकिन इसी दौरान अनेक बच्चों के बीमार पड़ने की खबरें आईं और सरकारों को अपने फैसले से पीछे हटना पड़ा। अकेले हिमाचल प्रदेश में ही 150 से ज्यादा विद्यार्थी कोरोना की चपेट में आ गये। पंजाब में दो स्कूलों में 20 बच्चे ‘पॉजिटिव’ मिले। इसी तरह छत्तीसगढ़ में 47 बच्चों को कोरोना संक्रमण की पुष्टि हुई है।
कर्नाटक में करीब 500 बच्चे संक्रमित मिले। इनमें ज्यादातर बच्चे 10 से 17 साल के बीच के बताये जा रहे हैं। महाराष्ट्र के अकेले सोलापुर में ही 600 बच्चे कोरोना पॉजिटिव पाये गये। पिछले 24 घंटे के दौरान मिजोरम में मिले कोरोना के 575 नए संक्रमित मरीजों में 112 बच्चे भी शामिल हैं। बच्चों को स्कूल बुलाने से पहले हमें कई बातों पर गौर करना होगा।
सुनिश्चित करना होगा कि सभी शिक्षकों एवं अन्य स्टाफ को वैक्सीन की दोनों डोज लग चुकी हों। स्कूल परिसर की स्वच्छता का विशेष ध्यान रखा जा रहा हो और पर्याप्त दूरी पर बिठाकर पढ़ाई करवाई जाए। कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए जारी ‘गाइडलाइंस’ को मानने में जब वयस्क ही लापरवाह नजर आते हैं, तो बच्चों के बारे में हम अंदाजा लगा सकते हैं।
यह सही है कि हर कोई चाहता है कि स्थिति सामान्य हो और स्कूल फिर से खुलें। परंतु बच्चों के संक्रमित होने की खबरें व्यथित करने वाली हैं। इसलिए स्कूल खोले जाने पर कोरोना गाइडलांस का पालन कड़ाई से कराया जाना सुनिश्चित किया जाए।
