हल्द्वानी: पहाड़ में चुनाव जीतने के जुगत में हो रहा हल्द्वानी मेडिकल कॉलेज का बंटाधार

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Edited By Amrit Vichar
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अमृत विचार, हल्द्वानी। पहाड़ में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए मैदान में स्वास्थ्य सेवाओं के तंत्र को कमजोर किया जा रहा है। नए मेडिकल कालेज को नया स्टाफ देने के बजाय मैदान के मेडिकल कॉलेज से स्टाफ पहाड़ चढ़ाए जा रहे हैं। पहाड़ में स्वास्थ्य सेवाएं तो पहले से ही डगमगाई हुईं हैं। …

अमृत विचार, हल्द्वानी। पहाड़ में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए मैदान में स्वास्थ्य सेवाओं के तंत्र को कमजोर किया जा रहा है। नए मेडिकल कालेज को नया स्टाफ देने के बजाय मैदान के मेडिकल कॉलेज से स्टाफ पहाड़ चढ़ाए जा रहे हैं। पहाड़ में स्वास्थ्य सेवाएं तो पहले से ही डगमगाई हुईं हैं।

अब नई कवायद से मैदान की सेहत पर भी संकट मंडराने लगा है। जबकि मैदानी मेडिकल कालेज दशकों से स्टाफ की कमी से जूझ रहे हैं। ताजा मामले में अल्मोड़ा में मेडिकल कॉलेज संचालित करने के लिए हल्द्वानी मेडिकल कॉलेज से दक्ष स्टॉफ को वहां भेजकर हल्द्वानी में सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति खराब हो रही है।

पिछले दिनों राजकीय मेडिकल कॉलेज हल्द्वानी से 11 फैकल्टी का तबादला अल्मोड़ा में मेडिकल कॉलेज के लिए कर दिया गया। इससे हल्द्वानी मेडिकल कॉलेज में संकट खड़ा हो गया। अब यहां पर संविदा के आधार पर फैकल्टी को रखे जाने की बात कही जा रही है। सरकार के पास स्टॉफ की कमी होने के बावजूद नए मेडिकल कॉलेज खोले जा रहे हैं।

इसलिए पहले से ही चल रहे मेडिकल कॉलेज के स्टॉफ को नए बन रहे मेडिकल कॉलेज में भेजा जा रहा है। मेडिकल कॉलेज हल्द्वानी के सूत्रों ने बताया कि सरकार का यहां से फैकल्टी को पहाड़ भेजने का फैसला चुनाव जीतने की रणनीति पर आधारित है। अल्मोड़ा कुमाऊं का केंद्र है। सरकार यह दिखाना चाहती है कि वह पहाड़ में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है। लेकिन स्टॉफ की कमी होने की वजह से नए मेडिकल कॉलेज को आबाद करने के चक्कर में पुराने मेडिकल कॉलेज के संचालन पर संकट मडरा रहा है।

यहां पड़ेगा असर
हल्द्वानी। राजकीय मेडिकल कॉलेज हल्द्वानी में फिलहाल पीजी की 65 सीटें हैं। फैकल्टी कम होने से यहां पर सीटें और कम हो जाएंगी। मेडिकल कॉलेज में पहले से ही 31 फीसदी डॉक्टरों की कमी है। अब यह कमी 40 फीसदी से भी ज्यादा हो जाएगी।

डॉक्टरों का तबादला राजकीय प्रक्रिया है। नए डॉक्टरों की नियुक्ति के लिए प्रयास किए जा रहे हैं।

– डा. अरूण जोशी, प्राचार्य, राजकीय मेडिकल कॉलेज हल्द्वानी

अगस्त के अंत तक जारी होंगे आवेदन
हल्द्वानी। मेडिकल कॉलेज हल्द्वानी के लिए सरकार की ओर से स्वीकृत की गई नियुक्तियों के लिए अभी आवेदन जारी नहीं हुए हैं। प्राचार्य डा. अरूण जोशी ने बताया कि अगस्त माह के अंत तक आवेदन जारी किए जाएंगे। इसके बाद साक्षात्कार होंगे फिर नियुक्ति होंगी।

रेडियोलॉजी विभाग को पीपीपी मोड पर देने की तैयारी
हल्द्वानी। सुशीला तिवारी अस्पताल के रेडियोलॉजी विभाग को पीपीपी मोड पर देने की तैयारी चल रही है। यहां पर जरूरी स्टॉफ नहीं होने की वजह से इसके संचालन में दिक्कत आ रही है। इसलिए अब इसे मेडिकल कॉलेज प्रशासन पीपीपी मोड पर देने के लिए विचार कर रहा है। बताया जा रहा है कि एक माह के अंदर कार्यवाही शुरू हो जाएगी और उसके बाद रेडियोलॉजी विभाग को पीपीपी मोड पर दे दिया जाएगा।

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