लखनऊ में फिर दिखा खाकी का अमानवीय चेहरा! ई-रिक्शा चालक पर बरपाया कहर

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Edited By Amrit Vichar
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लखनऊ। अदब और नफासत के शहर राजधानी लखनऊ में लोगों की रक्षा करने वाली खाकी का एक और क्रूर चेहरा सामने आया है। अलीगंज में पुलिस पिटाई से युवक की मौत का मामला ठंडा भी नहीं पड़ा था कि चौक में एक असहाय गरीब ई-रिक्शा चालक को खाकी के कहर का शिकार होना पड़ गया। …

लखनऊ। अदब और नफासत के शहर राजधानी लखनऊ में लोगों की रक्षा करने वाली खाकी का एक और क्रूर चेहरा सामने आया है। अलीगंज में पुलिस पिटाई से युवक की मौत का मामला ठंडा भी नहीं पड़ा था कि चौक में एक असहाय गरीब ई-रिक्शा चालक को खाकी के कहर का शिकार होना पड़ गया। चालक का अपराध सिर्फ इतना था कि वह ट्रामा सेंटर के पास सवारी उतारने की हिमाकत कर रहा था। इसी बीच वहां पहुंची खाकी धारी ने उसपर अपना कहर कुछ इस तरह बरपाया कि उसे अस्पताल में अपना इलाज कराना पड़ा। रोजी-रोटी की बात तो दूर उसके चलने-फिरने के भी लाले पड़ गए हैं।

खदरा निवासी मो. सुफियान ई-रिक्शा चालक हैं। मंगलवार को वह खदरा से सवारी लेकर चौक जा रहा था। केजीएमयू ट्रामा सेंटर के पास वह सवारियां उतारने लगा। इसी बीच वहां पहुंचे नक्खास चौकी इंचार्ज संजय गुप्ता ने उसे मौके पर ही जमकर पीटा। इसके बाद उसे वहीं से मारते हुए नक्खास चौकी लेकर गए। मामला दोपहर करीब 12.15 बजे के आसपास का है। पीडि़त का कहना है कि चौकी में दोपहर से लेकर शाम सात बजे तक पैर, हाथ लाठी, डंडों से पीटा गया। इसी बीच किसी ने पीडि़त के घरवालों को जानकारी दे दी।

मौके पर उसकी मां-बहन पहुंचे। मां ने बताया कि जब वह चौकी में पहुंची तो उनका बेटा बेहोशी की हालत में था। काफी मान-मनौव्वल के बाद पुलिस ने उसे छोड़ा। वह चलने की हालत में नहीं था। लिहाजा घरवाले उसे किसी तरह लाद फांदकर घर लेकर आए। तबियत ज्यादा बिगड़ी तो पहले उसे मशालची टोला में एक निजी डाक्टर के यहां लेकर गए। डाक्टर ने उसे बेहतर इलाज के लिए बलरामपुर अस्तपताल भेज दिया। बताते चलें कि जून माह में अलीगंज में हुए सुमित हत्याकांड में भी पुलिस की पिटाई के चलते उसकी मौत होने का आरोप लगा था। इस मामले में जो भी लोग नामजद थे। उनके परिजनों ने मानवाधिकारी आयोग से न्याय की गुहार लगाई है।

मुंह खोलने पर जान से मारने की धमकी

खाकी के कहर से पीड़ित और उसका परिवार दहशत में है और अपना मुंह नहीं खोल रहा। काफी कुरेदकर पूछने पर परिजनों ने बताया कि दारोगा न धमकी दी है कि अगर किसी के सामने मुंह खोला तो बेटे को जान से मरवा दूंगा।

लड़का चाहिए या ई-रिक्शा

पीड़ित की मां ने जब पुलिस से ई-रिक्शा छोड़ने की बात की तो पुलिस ने कहा कि दोनों नहीं मिल सकते हैं। यह तुमको तय करना है कि लड़का चाहिए या ई-रिक्शा चाहिए। जिसके बाद उन्होंने अपने लड़के को ही छोड़ने की फरियाद की। उन्होंने बताया कि पुलिस ने रिक्शा सीज कर दिया है।

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