हल्द्वानी: एक तरफ डेंगू की दस्तक तो दूसरी ओर वायरल फीवर का बढ़ा प्रकोप
हल्द्वानी, अमृत विचार। वायरल फीवर परेशानी का सबब बनता जा रहा है। बेस अस्पताल, एसटीएच और अन्य स्वास्थ्य केंद्रों में वायरल फीवर के मरीज काफी संख्या में ओपीडी पहुंच रहे हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि वायरल फीवर का असर अभी और भी दिनों तक रह सकता है। बरसात के दिनों में वायरल फीवर …
हल्द्वानी, अमृत विचार। वायरल फीवर परेशानी का सबब बनता जा रहा है। बेस अस्पताल, एसटीएच और अन्य स्वास्थ्य केंद्रों में वायरल फीवर के मरीज काफी संख्या में ओपीडी पहुंच रहे हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि वायरल फीवर का असर अभी और भी दिनों तक रह सकता है।
बरसात के दिनों में वायरल फीवर के मरीज बढ़ जाते हैं। जहां एक माह पहले तक अस्पतालों की ओपीडी में सामान्य से कम मरीज पहुंच रहे थे वहीं अब अचानक ही मरीजों की संख्या बढ़ गई है। बेस अस्पताल में एक दिन में 1000 से 1200 तो वहीं एसटीएच में भी एक ही दिन में 1200 से 1500 मरीज ओपीडी में पहुंच रहे हैं।
अन्य सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में मरीजों की संख्या बढ़ गई है। बेस अस्पताल की ओपीडी में जहां एक दिन में करीब 200 तो वहीं एसटीएच में एक ही दिन में करीब 300 मरीज सामान्य बुखार, सर्दी और खांसी की शिकायत को लेकर पहुंच रहे हैं। जबकि एक माह पहले तक स्थिति काफी सामान्य थी। अनुमान है कि इस समय हल्द्वानी और आसपास के स्वास्थ्य केंद्रों में एक दिन में वायरल फीवर के करीब 600 मरीज आ रहे हैं। इनमें बड़ों के साथ ही बच्चों की भी काफी संख्या है।
बच्चे और बड़े दोनों ही रखें ध्यान
वायरल फीवर से बचने के लिए स्वास्थ्य का ध्यान रखें। बारिश में भीगने से बचें। बच्चों का भी ध्यान रखें। खासतौर से उन्हें जंकफूड से दूर रखें और घर पर बना खाना ही दें।- डा. ऋतु रखोलिया, बाल रोग विशेषज्ञ, सुशीला तिवारी अस्पताल
बेस अस्पताल की ओपीडी में मरीजों की संख्या बढ़ गई है। बुखार के काफी मरीज पहुंच रहे हैं। अस्पताल में दवाएं पर्याप्त हैं।
– डा. हरीश लाल, पीएमएस, बेस अस्पताल, हल्द्वानी
