हल्द्वानी: सरकार से खफा उपनल कर्मचारियों ने गोल्ज्यू के मंदिर में लगाई गुहार
हल्द्वानी, अमृत विचार। उपनल कर्मचारियों ने अपनी मांगों को लेकर न्याय के देवता गोल्ज्यू के घोड़ाखाल स्थित मंदिर में न्याय की गुहार लगाई है। कर्मचारियों का कहना है कि सरकार से तो अपनी मांगों की गुहार करते हुए थक गए हैं इसलिए कर्मचारी भगवान के मंदिर में पहुंचे हैं। कर्मचारियों का कहना है कि 22 …
हल्द्वानी, अमृत विचार। उपनल कर्मचारियों ने अपनी मांगों को लेकर न्याय के देवता गोल्ज्यू के घोड़ाखाल स्थित मंदिर में न्याय की गुहार लगाई है। कर्मचारियों का कहना है कि सरकार से तो अपनी मांगों की गुहार करते हुए थक गए हैं इसलिए कर्मचारी भगवान के मंदिर में पहुंचे हैं।
कर्मचारियों का कहना है कि 22 हजार उपनल कर्मचारियों की अनदेखी की जा रही है। मंहगाई के दौर में उत्तराखंड पूर्व सैनिक कल्याण निगम से कार्यरत हजारों कर्मचारियों को उचित वेतन नहीं दिया जा रहा है। चार माह से भी अधिक समय होने के बाद भी 59 उपनल कर्मचारी जो 10 वर्ष से भी अधिक समय से राज्य कर विभाग में सेवा दे रहे थे उनकी विभाग में आवश्यकता होने के बाद भी बहाली नहीं हो पाई। ऐसे ही ऊर्जा विभाग के कई जनपदों में से केवल उपनल कर्मचारियों को संदेह के आधार पर हटा दिया गया है जबकि संबन्धित प्रकरण में सभी वर्ग के कर्मचारी थे लेकिन फिर भी सरकार ने उपनल कर्मचारियों को हटा दिया।
कहा कि इसी प्रकार आईटीआई से कई अनुदेशकों को संस्थान में आवश्यकता होने के बाद भी हटा दिया गया है। ऐसे ही कई और विभागों से भी वर्षों से कार्यरत उपनल कर्मचारियों को हटा दिया गया। कहा कि उच्च न्यायालय ने सभी उपनल कर्मचारियों के हित में फैसला दिया है। इसके बावजूद सरकार अपनी मनमानी करती रही।
कहा कि इसको लेकर कैबिनेट मंत्रियों को बार-बार ज्ञापन सौंपा गया है जिसमें सभी ने आश्वासन भी दिया कि हटाए गए कर्मचारियों की बहाली करेगी और उपनल कर्मचारियों के सुरक्षित भविष्य के लिए भी फैसला लेगी। इसके बावजूद अभी तक कोई ठोस कार्यवाही नहीं हुई है। इस दौरान रमेश शर्मा, पूरन भट्ट, गणेश गोस्वामी, योगेन्द्र विश्राल, ललित उपाध्याय, महेश डंगवाल, मनोज शर्मा, प्रकाश बहुगुणा, भीम सिंह, दीप चंद्र जोशी, तेजा सिंह बिष्ट, विनोद बिष्ट, मनोज जोशी, प्रकाश सनवाल, खजान सिंह नेगी, दीपक लोधियाल, सौरभ श्रीवास्तव, सतीश भट्ट आदि मौजूद थे।
