अल्मोड़ा: तेज बारिश के कारण दो घंटे बंद रहा राजमार्ग 

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Edited By Amrit Vichar
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अल्मोड़ा, अमृत विचार। नगर से लगे लक्ष्मेश्वर के पास स्थित खुटकुणी भैरव मंदिर के पास तेज बारिश के कारण शुक्रवार की तड़के अल्मोड़ा-रानीखेत राजमार्ग पर भूस्खलन हो गया। भूस्खलन के कारण मुख्य मार्ग पर बड़े बड़े बोल्डर और मलबा आ गया। जिस कारण यह मार्ग यातायात के लिए बंद हो गया। स्थानीय लोगों द्वारा इसकी सूचना …

अल्मोड़ा, अमृत विचार। नगर से लगे लक्ष्मेश्वर के पास स्थित खुटकुणी भैरव मंदिर के पास तेज बारिश के कारण शुक्रवार की तड़के अल्मोड़ा-रानीखेत राजमार्ग पर भूस्खलन हो गया। भूस्खलन के कारण मुख्य मार्ग पर बड़े बड़े बोल्डर और मलबा आ गया। जिस कारण यह मार्ग यातायात के लिए बंद हो गया। स्थानीय लोगों द्वारा इसकी सूचना आपदा प्रबंधन विभाग को दिए जाने के बाद इस मार्ग पर जेसीबी से मलबा हटाया गया और करीब दो घंटे की मशक्कत के बाद इस मार्ग को यातायात के लिए सुचारू किया जा सका।
पर्वतीय क्षेत्रों में इन दिनों रूक रूक कर लगातार बारिश हो रही है। तेज बारिश कि कारण शुक्रवार की तड़के अल्मोड़ा- रानीखेत राजमार्ग पर कमजोर हो चुकी पहाड़ी दरक गई और मुख्य मार्ग पर मलबा और बड़े बड़े बोल्डर आ गए। मार्ग के बंद होने के कारण यहां दोनों तरफ वाहनों की लंबी लंबी कतार लग गई।
मार्ग बंद होने की सूचना जन अधिकार मंच के संयोजक त्रिलोचन जोशी द्वारा आपदा अधिकारी राकेश जोशी को दी गई। जिसके बाद मौके पर लोक निर्माण की जेसीबी भेजी गई और मार्ग से मलबा हटाया गया। जोशी ने बताया कि अस स्थान पर अभी भी बारिश के दौरान भूस्खलन का खतरा बना हुआ है। क्योंकि पहाड़ी काफी कमजोर हो चुकी है। उन्होंने बताया कि संयोग इस शुक्रवार को तड़के तब भूस्खलन हुआ जब वाहनों की आवाजाही इस मार्ग पर नहीं थी। उन्होंने कहा कि अगर दिन के समय भूस्खलन होता तो और अधिक नुकसान की संभावना थी। क्योंकि इस मार्ग पर वाहनों की आवाजाही काफी अधिक रहती है।
दो घंटे जाम में फंसे रहे यात्री 
अल्मोड़ा। रानीखेत- अल्मोड़ा हाइवे पर भूस्खलन के बाद शुक्रवार की सुबह करीब दो घंटे तक इस मार्ग पर जाम की स्थिति बनी रही। दोनों और वाहनों की लंबी लंबी कतार लगी रही और यात्रियों को मार्ग खुलने तक वाहनों में बैठा रहना पड़ा। जिस कारण उन्हें काफी परेशानियों का सामना भी करना पड़ा। इधर लगातार हो रही बारिश के कारण आपदा प्रबंधन की टीम को भी मार्ग खोलने में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
यहां अभी भी नहीं टला है खतरा 
अल्मोड़ा। लक्ष्मेश्वर वार्ड अंतर्गत अल्मोड़ा-ताकुला मोटरमार्ग में गत जून माह से बना खतरा अभी टल नहीं सका है। जबकि गत दिनों संबंधित विभागों समेत जिलाधिकारी को भी इस संबंध में
 जन अधिकार मंच ने अवगत कराया और खतरा टालने के लिए सड़क पर गिरने के कगार पर आए चीड़ के विशाल पेड़ों को हटाने का अनुरोध किया गया था। लेकिन आज तक कोई कार्रवाई नहीं की गई। ऊपर से भूस्खलन के कारण यह मार्ग कई जगहों पर क्षतिग्रस्त है। जन अधिकार मंच के संयोजक त्रिलोचन जोशी ने बताया कि अगर यहां शीघ्र सुरक्षात्मक कार्य नहीं किए गए तो यहां कोई बड़ा हादसा सामने आ सकता है।

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