दिल्ली में तीन पुलिस आयुक्तों को तैनात करने का प्रस्ताव
ज्ञानेंद्र सिंह अमृत विचार, नई दिल्ली। गुजरात कैडर के आईपीएस अधिकारी राकेश अस्थाना को केंद्र सरकार द्वारा दिल्ली पुलिस आयुक्त बनाने का विरोध कर रही दिल्ली सरकार, उनके लिए अब एक नई मुसीबत लेकर आ रही है। दिल्ली में तीन महापौर की तर्ज पर तीन पुलिस आयुक्त तैनात करने के प्रस्ताव पर विचार हो रहा …
ज्ञानेंद्र सिंह अमृत विचार, नई दिल्ली। गुजरात कैडर के आईपीएस अधिकारी राकेश अस्थाना को केंद्र सरकार द्वारा दिल्ली पुलिस आयुक्त बनाने का विरोध कर रही दिल्ली सरकार, उनके लिए अब एक नई मुसीबत लेकर आ रही है। दिल्ली में तीन महापौर की तर्ज पर तीन पुलिस आयुक्त तैनात करने के प्रस्ताव पर विचार हो रहा है। इससे अस्थाना का दायरा कम हो जाएगा।
उल्लेखनीय है कि दिल्ली के उप राज्यपाल को अतिरिक्त पावर देने के बाद दिल्ली सरकार के एक सीमा तक पर कतर दिए थे। जिसका विरोध चल ही रहा था कि केंद्र सरकार ने रिटायरमेंट में मात्र 3 दिन शेष बचे अस्थाना को 1 वर्ष का सेवा विस्तार देकर उन्हें दिल्ली पुलिस का आयुक्त बनाया है। जिसका विरोध करने के लिए दिल्ली सरकार ने विधानसभा में उनके खिलाफ प्रस्ताव पारित कर भेजा है।
अब दिल्ली सरकार दिल्ली में तीन पुलिस आयुक्त तैनात करने का प्रस्ताव तैयार कर रही है। इसके पीछे उसका तर्क है कि यदि दिल्ली में तीन नगर निगम हो सकते हैं, तीन महापौर हो सकते हैं तो कानून व्यवस्था की दृष्टि से दिल्ली में तीन पुलिस आयुक्त भी होने चाहिए। हाल ही में उत्तर प्रदेश में कई पुलिस आयुक्तों को तैनात किया गया है। इससे पहले महाराष्ट्र सहित कई राज्यों में भी बहु पुलिस आयुक्त प्रणाली हैं। यदि ऐसा हो गया तो न केवल अस्थाना का दायरा संकुचित हो जाएगा बल्कि केंद्र सरकार को एक झटका भी लगेगा।
उल्लेखनीय है कि जब दिल्ली में शीला दीक्षित, मुख्यमंत्री थी और नगर निगम में भाजपा सत्तारूढ़ थी। तब उन्होंने नगर निगम को ब्रेक कर तीन हिस्सों में बांटने के प्रस्ताव पर चर्चा शुरू की थी और धीरे-धीरे उन्होंने नगर निगम को 3 हिस्सों में बटवा कर यहां तीन महापौर की व्यवस्था करा दी थी। जिसका बड़ा विरोध भी हुआ था। लेकिन दिल्ली एवं केंद्र में कांग्रेस की सरकार होने के कारण बीजेपी के विरोध का कोई असर नहीं पड़ा था।
पुलिस आयुक्त अस्थाना का विरोध इसलिए भी हो रहा है क्योंकि उन्हें मात्र 3 दिन सेवा अवधि शेष रहने के बावजूद सेवा विस्तार दे देकर दिल्ली में तैनात कर दिया, बल्कि वह दूसरे कैडर के आईपीएस अधिकारी भी हैं। जिसका आंतरिक विरोध दिल्ली के आईपीएस अधिकारी कर रहे हैं और आप व उसके विधायक भी दिल्ली कैडर के आईपीएस अफसर को तैनात करने की मांग कर चुके हैं।
