अल्मोड़ा: पुलिस ने 55 किलोग्राम गांजे के साथ एक तस्कर को किया गिरफ्तार

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Edited By Amrit Vichar
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अल्मोड़ा, अमृत विचार।मादक पदार्थों की तस्करी को रोकने के लिए एसएसपी के निर्देश पर चलाए जा रहे अभियान के तहत एक व्यक्ति को गांजे के साथ गिरफ्तार किया है। पुलिस ने तस्करी में प्रयुक्त वाहन को सीज कर अभियुक्त के खिलाफ भतरौंजखान थाने में एनडीपीएस एक्ट के तहत रिपोर्ट दर्ज कर ली है। भतरौंजखान के …

अल्मोड़ा, अमृत विचार।मादक पदार्थों की तस्करी को रोकने के लिए एसएसपी के निर्देश पर चलाए जा रहे अभियान के तहत एक व्यक्ति को गांजे के साथ गिरफ्तार किया है। पुलिस ने तस्करी में प्रयुक्त वाहन को सीज कर अभियुक्त के खिलाफ भतरौंजखान थाने में एनडीपीएस एक्ट के तहत रिपोर्ट दर्ज कर ली है।

भतरौंजखान के थानाध्यक्ष अनीश अहमद अपनी पुलिस टीम के साथ पुलिस सहायता केंद्र मोहान में चेकिंग कर रहे थे। अभियान के दौरान सल्ट की ओर से आ रही स्विफ्ट कार संख्या यूके-07-एएक्स-0816 की चेकिंग की तो उसमें प्लास्टिक के चार कट्टों से कुल 55.440 किलोग्राम गांजा बरामद हुई। पुलिस ने कार सवार संतोष कुमार (32) पुत्र दयानंद शर्मा, निवासी अनीसानंगली, स्योहारा बिजनौर को गिरफ्तार कर लिया।

थानाध्यक्ष अनीश अहमद ने बताया कि संतोष सल्ट ब्लॉक के ग्रामीण इलाकों से गांजा एकत्र कर उसे बेचने के लिए बिजनौर की ओर ले जा रहा था। उन्होंने बताया कि तस्करी में प्रयुक्त वाहन को सीज कर अभियुक्त के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पकड़े गए गांजे की कीमत करीब दो लाख, 21 हजार रुपए बताई जा रही है। पुलिस टीम में आरक्षी नवीन पांडे, संदीप सिंह, सतपाल सिंह, वीरेंद्र सिंह शामिल रहे।

पेशे से ड्राइवर है गांजा तस्कर
अल्मोड़ा। थानाध्यक्ष अनीश अहमद ने बताया कि गांजे के साथ पकड़ा गया तस्कर पेशे से ड्राइवर है। गांजा बेचकर अधिक पैसा कमाने के चक्कर में वह लंबे समय से गांजा तस्करी में लिप्त है। वह इससे पहले भी कई बार गांजे की तस्करी कर चुका है। लेकिन इस बार वह अपने काले कारनामे में सफल नहीं हो पाया और पुलिस के हत्थे चढ़ गया।

गांजा तस्करी में दो अभियुक्तों को दस दस साल की कैद

गांजा तस्करी के एक मामले में विशेष सत्र न्यायाधीश ने दो अभियुक्तों को दस-दस साल के कारावास की सजा सुनाई है। सजा के साथ दोनों अभियुक्तों को एक-एक लाख रुपये का अर्थदंड भी जमा करना होगा।

अभियोजन के अनुसार 19 दिसंबर 2019 को भतरौंजखान थाने के उपनिरीक्षक चंद्र सिंह अपनी टीम के साथ मोहान पुलिस सहायता केंद्र पर चेकिंग अभियान पर थे। चेकिंग के दौरान रानीखेत रोड की ओर से एक सफेद रंग का वाहन आता दिखाई दिया। संदेह के आधार पर वाहन को चेकिंग के लिए रोका।

कार सवार दो लोगों से वाहन के दस्तावेज मांगे गए तो वे कोई भी दस्तावेज उपलब्ध नहीं करा पाए। चेकिंग करने पर वाहन से छह कट्टों में 72 किलो 420 ग्राम गांजा बरामद किया गया था। तस्करी के इस मामले में वाहन में सवार मुकेश कुमार पुत्र दया राम निवासी ग्राम करौधी, थाना हल्दौड़ बिजनौर और इसरार उर्फ राज मंसूरी निवासी खारी, हल्दौड़, बिजनौर को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया था।

विवेचना अधिकारी ने विवेचना पूर्ण कर आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया। इस मामले का विचारण विशेष सत्र न्यायाधीश मलिक मजहर सुल्तान की अदालत में चला। इस मामले में अभियोजन की ओर से सात गवाह न्यायालय में परीक्षित कराए गए। शासकीय अधिवक्ता पूरन कैड़ा ने इस मामले की प्रभावी पैरवी की। पत्रावली व प्रस्तुत साक्ष्यों पर विचार करने के बाद विशेष सत्र न्यायाधीश ने दोनों अभियुक्तों को दस-दस साल की सजा और एक-एक लाख रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है।

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