लखनऊ: ग्रामीण इलाकों में धधक रहीं कच्ची शराब की भट्ठियां, मौन हैं जिम्मेदार!

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Edited By Amrit Vichar
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लखनऊ। जहरीली शराब से आगरा में 10 लोगों की मौत और प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सख्त तेवर के बाद भी राजधानी में जिला आबकारी विभाग व स्थानीय पुलिस नहीं जाग रही है। दोनों विभागों की उदासीनता के चलते लखनऊ के ग्रामीण इलाको में जोरों पर कच्ची शराब बनाने की भट्ठियां धधक रही हैं। …

लखनऊ। जहरीली शराब से आगरा में 10 लोगों की मौत और प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सख्त तेवर के बाद भी राजधानी में जिला आबकारी विभाग व स्थानीय पुलिस नहीं जाग रही है। दोनों विभागों की उदासीनता के चलते लखनऊ के ग्रामीण इलाको में जोरों पर कच्ची शराब बनाने की भट्ठियां धधक रही हैं। इन क्षेत्रों में आबकारी प्रवर्तन की टीम व पुलिस दोनों दूर-दूर नजर नहीं आती हैं। जिला आबकारी विभाग लखनऊ बीते दिनों अलीगढ़, आगरा की घटनाओं से बेपरवाह होकर कोई गंभीरता नहीं ले रहा है। जिम्मेदार अभियान चलाने के बजाय एसी कार्यालय में बैठे दिखाई देतें हैं।

राजधानी के मोहनलालगंज, गोसाईगंज, नगराम, निगोहां, मलिहाबाद, माल, आशियाना और बंथरा के ग्रामीण इलाकों में मौत की भट्ठियां धधक रही हैं। लेकिन आबकारी विभाग के पास अवैध दारू की कोई ‘दवा’ नहीं है। ग्रामीण इलाकों में लोग धड़ल्ले से घरों और बागों में शराब की भट्ठियां चला रहे हैं। उनके घर की महिलाएं और बच्चे भी इस कार्य में संलिप्त हैं। माल क्षेत्र में थाने से मात्र एक किलो मीटर दूर ही रामनगर गांव में शराब का बड़ा कारोबार हो रहा है।

वहीं, मोहनलालगंज के इंद्रजीत खेड़ा गांव में भी बड़ी संख्या में लोग अवैध शराब का कारोबार करते हैं। इन इलाकों में शाम ढलते ही लोग नहर के किनारे खड़े होकर अवैध शराब की बिक्री करते हैं। पुलिस और आबकारी विभाग की यह लापरवाही तब है, जबकि वर्ष 2015 में जहरीली शराब से मलिहाबाद के दतली गांव में 51 लोगों की मौत हो चुकी है। जानकारों का कहना है कि कच्ची शराब की बिक्री 80 से 100 रुपये प्रति लीटर के हिसाब से होती है। गोरखधंधा करने वाले लोग ग्रामीण एजेंटों की मदद से धड़ल्ले से बेखौफ होकर अवैध शराब की बिक्री कराते हैं।

इन क्षेत्रों में बिना लाइसेंस के शराब परोसने की खुली छूट

जिला आबकारी विभाग में तैनात 14 आबकारी निरीक्षकों ने अपने-अपने क्षेत्रों में संचालित होटलो,लाउंज,रेस्टोरेंट में बिना लाइसेंस व अस्थाई लाइसेंस के शराब परोसने की खुल छूट दे रखी है। ये अवैध कार्य का सिलसिला शाम से शुरु होकर रात 2:30 बजे तक चलता है। राजधानी के हजरतगंज,नाका,अलीगंज,मडियाव,सबसे अधिक गोमतीनगर,चिनहट,मटिहारी,भूतनाथ,मुंशीपुलिया क्षेत्र में बिना अनुमति के दारु की पार्टिया चलती हैं। इसकी जानकारी होने के बाद भी इन क्षत्रों के आबकारी निरीक्षक चुप्पी साधे रहते हैं। सूत्रों का कहना है कि इसके लिए आबकारी निरीक्षकों को सुविधा शुल्क पहुंच जाता है।

यहां होता है 80 से 100 रुपये लीटर में अवैध शराब का कारोबार

चिनहट- दमादनपुरवा, गुलहरिया गांव।
गोसाईगंज- घुसवल, मौरा कला, मौरा खुर्द सूरियामऊ,अस्ती।
माल क्षेत्र- रामनगर गांव, मसीढा, नवीपनाह, थरी गांव, दलथंभा, रहटा, गहदौं, खरी, वीरपुर, दनौर, हऊमऊ, बाजार गांव, अकबरपुर, देवरी समेत कई अन्य गांव।
मलिहाबाद- घोला, जमोलिया, रामनगर, जानकीनगर, मोहज्जीनगर, सरैयां, अटिया, धना खेड़ा, कसमंडी, कैला खेड़ा।
मोहनलालगंज- इंद्रजीत खेड़ा, ददियाना, कनकहा, जबरौली, जैतीखेड़ा, कोड़हा, हुलास खेड़ा, खुजौली, सिसेंडी और फत्ते खेड़ा।

क्या कहते हैं जिम्मेदार
अवैध शराब बनाने व बिक्री पर रोक लगाने के लिए आबकारी और पुलिस की संयुक्त टीमें बनाई गयी है। यह टीमें लगातार अभियान चलाकर धरपकड़ करेगी । इस अवैध कार्य में लिप्त पाये जाने वालों लोगों पर कठोर कार्रवाई की जायेगी…धीरज सिंह,संयुक्त आबकारी आयुक्त,लखनऊ परिक्षेत्र।

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