लखनऊ: बोले राष्ट्रपति- कोरोना से लड़ाई में चिकित्सकों की भूमिका अहम

Amrit Vichar Network
Edited By Amrit Vichar
On

लखनऊ। मौजूदा समय के हिसाब से चिकित्सकों की भूमिका ज्यादा महत्वपूर्ण है , बिना किसी भेदभाव के लोगों की सेवा करना आपकी प्राथमिकता होनी चाहिए, मैं आप सभी के उज्जवल भविष्य की कामना करता हूं। ये बात राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने संजय गांधी एसजीपीजीआई के 26वें दीक्षांत समारोह के मौके पर कही। श्री कोविंद कार्यक्रम …

लखनऊ। मौजूदा समय के हिसाब से चिकित्सकों की भूमिका ज्यादा महत्वपूर्ण है , बिना किसी भेदभाव के लोगों की सेवा करना आपकी प्राथमिकता होनी चाहिए, मैं आप सभी के उज्जवल भविष्य की कामना करता हूं। ये बात राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने संजय गांधी एसजीपीजीआई के 26वें दीक्षांत समारोह के मौके पर कही। श्री कोविंद कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए थे। राष्ट्रपति यूपी की यात्रा के दूसरे दिन पीजीआई में अपनी पत्नी सविता कोविन्द के साथ पहुंचे। उन्होंने समारोह में मेडिकल छात्रों को को उपाधियां प्रदान की। वहीं राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की।

वीवीआईपी मूवमेंट में यातायात को ज्यादा देर तक रोकना ठीक नहीं 

राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने शुक्रवार को कहा कि अति प्रतिष्ठित हस्तियों (वीवीआईपी) के आवागमन के दौरान जनता की परेशानियों को ध्यान में रखते हुये ज्यादा समय तक यातायात नहीं करना चाहिये। श्री कोविंद मनोज पांडे यूपी सैनिक स्कूल के हीरक जयंती समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि “ देश का राष्ट्रपति होने के साथ साथ मैं एक संवेदनशील नागरिक भी हूं। जब मैं किसी दौरे पर जाता हूं, तो मेरे आगमन से पहले लंबे समय के लिये यातायात रोक दिया जाता है जिससे आम लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। जाम की स्थिति में लोगों में निराशा और हताशा का भाव होना लाजिमी है। ”उन्होने कहा ‘ मेरी सलाह है कि वीआईपी मूवमेंट के दौरान अधिकतम दस से 15 मिनट तक यातायात को रोकना चाहिये। वीआईपी के आगमन से काफी देर पहले से ट्रैफिक रोकना तर्कसंगत नहीं है। इसके साथ ही एबुंलेंस और अन्य आपातकालीन सेवा में लगे वाहनों के लिये कोई प्रतिबंध नहीं होना चाहिये। यह सिर्फ मेरे लिये नहीं बल्कि मुख्यमंत्री की फ्लीट को भी एंबुलेंस के लिये रोका जा सकता है।

आन्तरिक सुरक्षा के लिए अनुशासित नागरिक जरूरी: मुख्यमंत्री

कैप्टन मनोज कुमार पाण्डेय उत्तर प्रदेश सैनिक स्कूल के हीरक जयंती समारोह के समापन अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि शिक्षा का मतलब केवल किताबी ज्ञान ही नहीं होता है बल्कि हमें छात्रों के अन्दर सकारात्मकता पैदा करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि मुझे लगता है कि सैनिक स्कूल इसका सबसे बड़ा माध्यम है। सैनिक स्कूल का अनुसरण कर अन्य संस्थाएं भी आगे बढ़ सकती हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि रक्षा सेनाओं के लिए ही नहीं हमारी आंतरिक सुरक्षा के लिए हमारे पैरामिलिट्री, सुरक्षा बल और जीवन के क्षेत्र में अनुशासित नागरिकों की आवश्यकता होती है।

डा. सम्पूर्णानन्द ने इसी परिकल्पना को उत्तर प्रदेश सैनिक स्कूल के माध्यम से साकार किया। उन्होंने कहा कि आज देश में सैनिक स्कूलों की लम्बी शृंखला है। यह हमारा सौभाग्य है कि उत्तर प्रदेश में इस वर्ष पांचवे सैनिक स्कूल का शिलान्यास गोरखपुर में किया गया। उन्होंने कहा कि हमारा सौभाग्य है कि इस सैनिक स्कूल का नाम वर्ष 2017 में सैनिक स्कूल के पुरातन छात्र रहे परमवीर चक्र विजेता कैप्टन मनोज पाण्डेय के नाम पर है।

संबंधित समाचार