बरेली: कम से कम 16 की जरूरत, बाल रोग विशेषज्ञ मात्र दो
बरेली, अमृत विचार। कोरोना की तीसरी लहर से लड़ने के लिए शासन के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग ने ऑक्सीजन, पीकू वार्ड समेत अन्य मूलभूत व्यवस्थाओं को तो दुरुस्त कर लिया लेकिन सबसे अहम कड़ी बाल रोग विशेषज्ञों की कमी तैयारियों में खलल डाल रही है। कोरोना की तीसरी लहर से निपटने के लिए बच्चों के …
बरेली, अमृत विचार। कोरोना की तीसरी लहर से लड़ने के लिए शासन के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग ने ऑक्सीजन, पीकू वार्ड समेत अन्य मूलभूत व्यवस्थाओं को तो दुरुस्त कर लिया लेकिन सबसे अहम कड़ी बाल रोग विशेषज्ञों की कमी तैयारियों में खलल डाल रही है। कोरोना की तीसरी लहर से निपटने के लिए बच्चों के कम से कम 16 डाक्टरों की आवश्यकता है। जबकि, जिले में मात्र 2 डाक्टर ही मौजूद हैं।
जिले में 300 बेड अस्पताल समेत छह सीएचसी पर ऑक्सीजन प्लांट के साथ पीकू वार्ड बनाए गए हैं। कोरोना गाइडलाइन के अनुसार शिफ्ट में ड्यूटी के लिए छह बाल रोग विशेषज्ञ तो सिर्फ 300 बेड अस्पताल के लिए ही चाहिए। इसके बाद जिला अस्पताल के अलावा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मीरगंज, शीशगढ़ समेत पांच अन्य अस्पतालों में पीडियाट्रिक आईसीयू तैयार किए जा चुके हैं।
शासन की ओर से जारी गाइडलाइन के अनुसार तीन शिफ्टों में ड्यूटी के लिए प्रत्येक शिफ्ट में दो बाल रोग विशेषज्ञ होने चाहिए लेकिन इन सभी स्थानों पर एक भी बाल रोग विशेषज्ञ नहीं है। इस संबंध में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. बलवीर सिंह ने बताया कि जिले के अन्य डाक्टरों व पैरामेडिकल स्टाफ को बाल रोग विशेषज्ञों की ओर से प्रशिक्षण दिया गया है। शासन से पत्र लिखकर बाल रोग विशेषज्ञों की मांग भी की गई है। आवश्यकता पड़ने पर इंडियन मेडिकल एसोसिएशन से सहयोग लिया जाएगा।
