लखीमपुर खीरी: उफनाई घाघरा और शारदा ने दर्जनों गांवों को घेरा

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धौरहरा, अमृत विचार। बनबसा बैराज से छोड़े गए पानी से तहसील क्षेत्र की घाघरा व शारदा नदियों के किनारे स्थित करीब पचास गांवों में बाढ़ का पानी भर गया जिससे ग्रामीणों को मुसीबतों का सामना करना पड़ रहा है। तहसील प्रशासन प्रभावितों का सर्वे करवाने के साथ ही सभी को सुरक्षित स्थानों पर जाने की …

धौरहरा, अमृत विचार। बनबसा बैराज से छोड़े गए पानी से तहसील क्षेत्र की घाघरा व शारदा नदियों के किनारे स्थित करीब पचास गांवों में बाढ़ का पानी भर गया जिससे ग्रामीणों को मुसीबतों का सामना करना पड़ रहा है। तहसील प्रशासन प्रभावितों का सर्वे करवाने के साथ ही सभी को सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दे रहा है।

जिले की धौरहरा तहसील क्षेत्र के गांवों में शारदा व घाघरा नदियां प्रतिवर्ष कटान व बाढ़ के रुप में तबाही लेकर आती है। नदियों किनारे बसे ग्रामीणों का जनजीवन अस्त-व्यस्त हो जाता है। सरकार द्वारा इलाके के गांवों को बाढ़ व कटान से बचाने के लिए प्रतिवर्ष करोड़ों रुपए की योजना बनाई जाती है पर सही देखभाल न होने से ये योजनाएं धरातल पर नहीं पहुंचती है जिसका खामियाजा क्षेत्र की जनता को भुगतना पड़ता है। पड़ोसी देश नेपाल में लगातार हो रही बारिश से जलस्तर बढ़ने से शुक्रवार को बनबसा बैराज से खीरी की घाघरा व शारदा नदियों में करीब पांच लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया जिससे गांव जलमग्न हो गए।

चकदहा , गनापुर , चंदौली , मांझा सुमाली , साधुवापुर , मिलिक , परसा , कैरातीपुरवा , जमदरी , खनवापुर , ओझापुरवा , गौढ़ी , सहित करीब पचास गांवों में नदियों का पानी भर गया है जिससे आवागमन के सभी रास्ते बंद हो गए हैं। तहसील प्रशासन ने बाढ़ से प्रभावित होने वाले गांवों में अलर्ट जारी किया । प्रशासन ने लेखपालो को भेजकर बाढ़ प्रभावित परिवारों की रिपोर्ट मांगी गई है।

उपजिलाधिकारी रेनू ने कहा कि बाढ से प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थान पर जाने को कहा गया है और लेखपालो को भेजकर बाढ़ से प्रभावित लोगों की रिपोर्ट मांगी गई हैं। जल्द ही उन्हें राहत सामग्री वितरित की जाएगी।

खमरिया। इलाके की शारदा व घाघरा नदी किनारे बसे गांवों के लोग नदियों में आई बाढ़ को लेकर अलर्ट हो गए है। कई गांवों के सैकड़ों घरों में पानी भर गया। इसके बाद ग्रामीण सुरक्षित स्थानों पर पलायन को मजबूर हो रहे हैं। डीएम के आदेश के बाद तहसीलदार समेत राजस्व कर्मचारी बाढ़ क्षेत्र का भ्रमण कर राहत चौकियां बना रहे हैं।

ईसानगर क्षेत्र में शारदा नदी किनारे बसे मड़वा व लुधौनी गांव में बसे लोग बढ़ रहे जलस्तर से हाई अलर्ट हो गए है। घाघरा नदी किनारे बसे चकदहा में मुनेजर यादव, रामखेलावन, दूबरि , इतवारी ,बृजमोहन, पुत्तीलाल, मेवालाल, तीरथ राम, बेवा अवधरानी, मयाराम,नन्हकन्न, कामता प्रसाद, राजकुमार, दरबारी,रामपाल आदि के घरों में पानी भर गया वहीं नदी किनारे के गांव ओझापुरवा, बेलागढ़ी, पोखरा, लौकाही मल्लापुर, चकदहा , गनापुर , चंदौली, मांझा सुमाली , साधुवापुर, मिलिक , परसा , कैरातीपुरवा, जमदरी, ओझापुरवा, गौढ़ी, खनवापुर सहित दर्जनों गांवों में दोनों नदियों का पानी भर गया है। आवागमन के सभी रास्ते बंद हो गए हैं। लोग नावों का सहारा ले रहे है। प्रशासन ने लेखपालो को भेजकर बाढ़ प्रभावित परिवारों की रिपोर्ट मांगी है। एसडीएम रेनू ने बताया कि बाढ से प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थान पर जाने को कहा गया है और लेखपालो को भेजकर बाढ़ से प्रभावित लोगों की रिपोर्ट मांगी गई हैं। जल्द ही उन्हें राहत सामग्री वितरित की जाएगी ।

ईसानगर क्षेत्र के बॉर्डर पर स्थित जनपद सीतापुर तहसील लहरपुर का गांव गौर मजरा बस्ती शारदा नदी में बढ़े जलस्तर से पूरा गांव जलमग्न हो गया यहाँ करीब 150 लोग बाढ़ से प्रभावित होकर घर की छतों पर गुजर बसर करने को मजबूर हो गए है। इस दौरान ग्रामीणों ने बताया कि अभी तक तहसील लहरपुर से बाढ़ प्रभावितों को कोई मदद नहीं मिल पाई है। शासन से मदद मिलने की आस में सभी लोग घरों में भरे पानी मे रहने को मजबूर हूँ।

निघासन। बाढ़ को लेकर इन दिनों तराई क्षेत्र निघासन में अफरा तफरी मची है। नेपाल और भारत सीमा के बीच बह रही मोहना ने अपना रूप विकराल कर लिया है। इधर शारदा नदी का जलस्तर खतरे के निशान से काफी ऊपर चल रहा है। वहीं तराई क्षेत्र निघासन चौफेरी बेला परसुआ मार्ग पर बाढ़ का पानी तेजी से बढ़ रहा है। इन गांवों में भी देर रात पानी प्रवेश होने की आशंका जताई जा रही है। इसके अलावा शारदा नदी से सटे दर्जनों गांव के लोग बाढ़ को लेकर सहमे दिखाई दे रहे है फिलहाल शारदा के बढ़ते जलस्तर से गांवो को छोड़कर खेतो में पानी प्रवेश हो चुका है।

इससे सैकड़ो किसानों की फसलो को नुकसान पहुँचेगा। इस बाबत एसडीएम ओपी गुप्ता ने बताया कि बाढ़ को लेकर नदी से सटे ग्रामीण इलाकों को आगाह कर दिया गया है। लेखपालों को निगरानी के तौर ओर भ्रमण में लगाया गया है। राहत टीम भी लगातार ऐसे ग्रामीण इलाके में भ्रमण कर रही है।

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