बरेली: बहेड़ी में भू-संपत्ति, सितारगंज की बैंक ने दिया डेढ़ करोड़ का ऋण
बरेली, अमृत विचार। बैंकों के अधिकारी कमीशनबाजी के चक्कर में दो राज्यों की सीमा लांघे बिना जांच पड़ताल कर करोड़ों रुपये का ऋ ण दे रहे हैं। जब सालों तक ऋण लेने वाले असल न ही ब्याज जमा करते हैं। किस्तें भी जमा नहीं करते, तब वसूली की याद आती है। मुख्यालय से कम वसूली …
बरेली, अमृत विचार। बैंकों के अधिकारी कमीशनबाजी के चक्कर में दो राज्यों की सीमा लांघे बिना जांच पड़ताल कर करोड़ों रुपये का ऋ ण दे रहे हैं। जब सालों तक ऋण लेने वाले असल न ही ब्याज जमा करते हैं। किस्तें भी जमा नहीं करते, तब वसूली की याद आती है। मुख्यालय से कम वसूली पर डांट खाने का दबाव होने पर अधिकारी वसूली के लिए ऋ ण लेने वालों की तलाश शुरू करते हैं।
ऐसा ही मामला उत्तराखंड के ऊधमसिंह नगर जनपद के सितारगंज तहसील का है। यहां की एसबीआई शाखा ने पहले बहेड़ी तहसील के कई गांवों के 350 से अधिक ग्रामीणों को डेढ़ करोड़ रुपये से अधिक का ऋ ण बांट दिया। ऋण स्वीकृत के बाद ग्रामीणों ने उस रकम को खर्च कर लिया लेकिन ऋ ण जमा नहीं किया। सालों साल तक बैंक के अधिकारी भी खामोश बैठे रहे। अब उन्हें वसूली की याद आयी, तब बकायेदारों के खिलाफ आरसी जारी की गयी।
बताते हैं कि बैंक ने वर्ष 2012 से ऋ ण दिया है लेकिन तब जो भी अधिकारी रहे, उन्होंने वसूली पर ध्यान नहीं दिया। इस बीच आरसी जारी हुईं तो पहले आरसी जनपद मुख्यालय रुद्रपुर पहुंचीं फिर वहां से बहेड़ी आयीं। जब तहसील स्तर पर वसूली को लेकर ध्यान नहीं दिया गया तब सितारगंज बैंक के अधिकारी परेशान हो गए।
इसके बाद सितारगंज की बैंक से एक कर्मचारी तीन दिन पहले कलेक्ट्रेट पहुंचा। जिला संग्रह कार्यालय प्रभारी शेरपाल से मुलाकात कर 320 से अधिक आरसी सौंपी लेकिन शेरपाल ने आरसी लेने से इंकार कर दिया। कहा कि आरसी में यह स्पष्ट नहीं है कि ऋ ण लेने वाला कहां का रहने वाला है। तमाम आरसी पर मुहर भी नहीं लगी थी। जिला संग्रह प्रभारी ने आरसी वापस कर दीं और मैनेजर से अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व मनोज कुमार पांडेय से बात करने के लिए कह दिया।
बीते शनिवार को कर्मचारी फिर आरसी लेकर आया। उन्हें ले लिया गया। इधर अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व मनोज कुमार पांडेय ने बताया कि सितारगंज की एसबीआई बैंक ने बहेड़ी तहसील के कई गांवों के लोगों को ऋ ण दिया था। उनकी आरसी जारी हुई है। वसूली की कार्रवाई शुरू करा दी है।
