बरेली: निर्धारित थी बैठक, कमिश्नर बदायूं चले गए, इसलिए किसानों का भड़का आक्रोश

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बरेली, अमृत विचार। करीब सात दिन पहले जब 12 गांवों के किसानों ने कमिश्नरी का घेराव कर जमीनें अधिग्रहण न होने देने की बात कहते हुए जबर्दस्त विरोध किया था। तब विधायक राजेश कुमार मिश्रा उर्फ पप्पू भरतौल भी आए थे। घंटेभर तक कमिश्नर आर रमेश कुमार की विधायक और किसानों से वार्ता हुई। मामले …

बरेली, अमृत विचार। करीब सात दिन पहले जब 12 गांवों के किसानों ने कमिश्नरी का घेराव कर जमीनें अधिग्रहण न होने देने की बात कहते हुए जबर्दस्त विरोध किया था। तब विधायक राजेश कुमार मिश्रा उर्फ पप्पू भरतौल भी आए थे। घंटेभर तक कमिश्नर आर रमेश कुमार की विधायक और किसानों से वार्ता हुई। मामले में हल निकालने के लिए कमिश्नर आर रमेश कुमार ने 31 अगस्त को किसानों के प्रतिनिधिमंडल के साथ जिलाधिकारी नितीश कुमार, बरेली विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष जोगिंदर सिंह, विधायकों की मौजूदगी में बैठक रखने की तारीख निर्धारित की थी।

निर्धारित तारीख को ध्यान में रखते हुए मंगलवार (31 अगस्त) को किसानों की भीड़ कमिश्नरी पहुंची थी। जब उन्हें यह मालूम हुआ कि बैठक बुलाने के बावजूद कमिश्नर आर रमेश कुमार बदायूं दौरे पर चले गए तब किसानों का आक्रोश भड़क उठा और उन्होंने हंगामा शुरू कर दिया। कमिश्नर बदायूं के नोडल अधिकारी हैं, इसलिए उन्हें जाना पड़ा था। यह कार्यालय के प्रतिनिधि ने किसानों को बताया था लेकिन किसानों का कहना था कि बैठक निरस्त हो गयी तो इसकी सूचना भी नहीं दी गयी।

आरोप लगाया कि अधिकारी किसानों का सामना करने से बच रहे हैं। कमिश्नर नहीं हैं तो बीडीए के अधिकारियों को बात करने के लिए आना चाहिए लेकिन किसानों की पीड़ा किसी को नहीं दिख रही है। जमीनें छिनने की नौबत है। मकान ध्वस्त होने का डर उन्हें हर वक्त सता रहा है। हलक से निवाला तक पेट में नहीं जा रहा है। जमीनें अधिग्रहण हो जाएंगी तो उनके बच्चे क्या करेंगे।

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