खुलासा: पुत्र ने ही दोस्त के साथ मिलकर की थी मां की गला दबाकर हत्या

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बिजनौर,अमृत विचार। करीब ड़ेढ सप्ताह पूर्व अपने पिता के तीजे में शामिल होने जा रही महिला की गला दबाकर की गई हत्या के मामले में पुलिस ने पुत्र सहित दो लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। बुधवार को पुलिस अधीक्षक डॉ धर्मवीर सिंह ने हत्याकांड का खुलासा करते हुए बताया कि करीब ड़ेढ …

बिजनौर,अमृत विचार। करीब ड़ेढ सप्ताह पूर्व अपने पिता के तीजे में शामिल होने जा रही महिला की गला दबाकर की गई हत्या के मामले में पुलिस ने पुत्र सहित दो लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।

बुधवार को पुलिस अधीक्षक डॉ धर्मवीर सिंह ने हत्याकांड का खुलासा करते हुए बताया कि करीब ड़ेढ सप्ताह पूर्व नोता देवी पत्नी सौपाल सिंह निवासी ग्राम बाहुपुरा अपने पिता की मृत्यु होने के बाद उनके तीजे में शामिल होने के लिए गांव पित्तनहेड़ी जा रही थी। जिसकी गला दबाकर हत्या कर दी गई थी। जिस पर नोता देवी के भाई कामेंद्र पुत्र राजेश निवासी पित्तनहेड़ी ने थाने में तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की थी।

जिस पर पुलिस ने नोता देवी के जेठ चंद्रपाल व जेठानी प्रभादेवी पत्नी चंद्रपाल निवासी बाहुपुरा के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी थी। पुलिस ने जब मामले की गहराई से जांच की तो उसमें पाया कि नोता देवी की हत्या उसके पुत्र शुभम व उसके दोस्त पंकज ने गला दबाकर की है।

जिस पर बुधवार को अपर पुलिस अधीक्षक नगर प्रवीण रंजन सिंह व क्षेत्राधिकारी नजीबाबाद गजेन्द्र पाल सिंह के नेतृत्व में स्वाट टीम व किरतपुर पुलिस ने पंकज पुत्र दिलीप सिंह निवासी ग्राम बाहुपुरा को किरतपुर बस स्टैंड से व शुभम पुत्र सौपाल सिंह निवासी ग्राम बाहुपुरा को बुधवार की सुबह 9 बजे गांव से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने जब दोनों से कड़ाई से पूछताछ की तो उन्होंने बताया कि पंकज नशेड़ी एवं मादक पदार्थ का सेवन करने का आदी है तथा वह देहरादून में रहता है।

मृतका का पुत्र शुभम भी नशेड़ी है। जिसे पंकज ने स्मैक बेचने के काम के लिए 30000 प्रति माह की कमाई कराने का लालच दिया। जिस पर शुभम ने पंकज को अपनी मां को यह कार्य करने के लिए राजी करने के लिए कहा। 23 अगस्त की सुबह पंकज शुभम के घर पहुंचा और उसने नौता देवी से कहा कि वह शुभम को मेरे साथ भेज दें तो मैं उसे 30000 प्रतिमाह की कमाई कराऊंगा।

नौता देवी ने पंकज को मना कर दिया और कहा कि मैं अपने बेटे से गंदा काम नहीं कराऊंगी और पंकज को डांट कर अपने घर से भगा दिया। शुभम को भी डांट फटकार लगाई। पंकज को यह बात बुरी लगी और शुभम भी उसके पीछे-पीछे उसके साथ चला गया, क्योंकि शुभम भी पंकज के साथ स्नैक बेचने का इच्छुक था। दोनों ने धर्मशाला में बैठकर भांग का नशा किया और शुभम ने कहा कि मुझे तेरे साथ चलना है चाहे कुछ भी करना पड़े।

शुभम ने पंकज को बताया कि मेरी माता अपने पिता के तीजे में ग्राम पित्तनहेड़ी जाने के लिए अभी घर से निकली है। उसके बाद दोनों नोता देवी के पीछे-पीछे आलमपुर की तरफ जाने वाले रास्ते पर चल पड़े। समाधि के पास पहुंचने पर शुभम ने काले रंग का अंगोछा अपनी माता के सिर पर डालकर उसकी पहनी साड़ी से ढक दिया तथा पंकज ने पीछे से पकड़ कर गला दबाकर उसकी हत्या कर दी। दोनों ने शव को गन्ने के खेत में जाकर छिपा दिया। जिसकी सूचना पुलिस को मिली थी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया था।

गिरफ्तार करने वाली टीम में स्वाट टीम के निरीक्षक नरेश कुमार सिंह उप निरीक्षक जर्रार हुसैन, आरक्षी राजकुमार नागर, कांस्टेबल दीपक तोमर, मोहम्मद खालिद, मोहम्मद रईस, मोहित शर्मा, अरुण कुमार, मोनू कुमार, बेताब जावला, सुमित, रणजीत, मोहित व किरतपुर पुलिस टीम के प्रभारी निरीक्षक राजकुमार शर्मा, उपनिरीक्षक मीर हसन, उप निरीक्षक श्यामवीर सिंह, कांस्टेबल नीरज कुमार व पवन कुमार शामिल रहे। पुलिस अधीक्षक डॉ धर्मवीर सिंह ने टीम के उत्साहवर्धन के लिए 15000 का पुरस्कार दिया है।

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