लखनऊ: नगर निगम के अधिकारियों ने किया खेल, बेच दिया अमीनाबाद का फुटपाथ

Amrit Vichar Network
Edited By Amrit Vichar
On

लखनऊ। राजधानी के अमीनाबाद बाजार में 50-50 हजार रुपये में फुटपाथ बेच दिए गए। पिछले साल पटरी दुकानदारों को अमीनाबाद के झंडेवाला पार्क के आस-पास जगह आवंटित करने में नगर निगम के अधिकारियों ने जमकर खेल किया। लिस्ट में एक घर के दो से तीन लोगों के नाम दर्ज कर लिए। 1000 में से लगभग …

लखनऊ। राजधानी के अमीनाबाद बाजार में 50-50 हजार रुपये में फुटपाथ बेच दिए गए। पिछले साल पटरी दुकानदारों को अमीनाबाद के झंडेवाला पार्क के आस-पास जगह आवंटित करने में नगर निगम के अधिकारियों ने जमकर खेल किया। लिस्ट में एक घर के दो से तीन लोगों के नाम दर्ज कर लिए। 1000 में से लगभग 438 पटरी दुकानदारों को जगह आवंटित हुयी है। इनमें से कई पटरी दुकानदार अपनी मनमानी जगह पर ही फुटपाथ पर फिर से दुकानें लगाने लगे हैं। जिससे अमीनाबाद में जाम और अतिक्रमण की समस्या बनी हुई है।

अमीनाबाद लखनऊ का पुराना बाजार है। यहां दुकानदारों से लेकर बड़ी संख्या में ग्राहकों का खरीदारी के लिए आना—जाना रहता है। पिछले कुछ वर्षों से यहां जाम की समस्या गंभीर हो गयी है। अमीनाबाद के मोहन मार्केट से लेकर आस—पास स्थायी दुकानदारों के साथ पटरी दुकानदार और ठेले वाले बरामदे और सड़क पर दुकानें लगा रहे हैं। जिससे सकरी गलियों से वाहन निकालना मुश्किल हो जाता है और जाम की स्थिति बनी रहती है। समस्या के समाधान के लिए बरसों से लड़ाई लड़ रहे स्थानीय दुकानदारों ने सरकार से कार्रवाई की। जिसके बाद पिछले साल पुलिस-प्रशासन के सहयोग से नगर निगम द्वारा पटरी दुकानदारों को झंडेवाला पार्क के आस-पास जगह आवंटित करने का कार्य शुरू किया गया। जगह कम थी और पटरी दुकानदार कई गुना ज्यादा। पहले जगह पाने और लिस्ट में नाम दर्ज कराने की होड़ में नगर निगम ने खूब मनमानी की।

कई पटरी दुकानदारों ने ही नगर निगम के अधिकारियों पर पैसा लेकर जगह आवंटित करने का आरोप भी लगाया। लगभग 1000 पटरी दुकानदारों में से 438 को ही नगर निगम द्वारा जगह आवंटित की गयी। बाकी बचे पटरी दुकानदार आज भी जगह आवंटित होने का इंतजार कर रहे हैं। जिन्हें जगह आवंटित नहीं हुयी वे पुरानी जगहों पर ही दुकानें लगा रहे हैं। जिससे अमीनाबाद बाजार में जाम और अतिक्रमण की स्थिति आज भी जस की तस है। स्थानीय दुकानदार जब समस्या लेकर जाते हैं तो पुलिस और नगर निगम एक दूसरे पर जिम्मेदारी डालकर पल्ला झाड़ लेते हैं।

अमीनाबाद के व्यापारियों की समस्या पर अधिकारियों से कहते-कहते थक चुके हैं। 15-20 साले से लड़ाई लड़ रहे हैं। सरकार चाहेगी तो इस समस्या का समाधान हो सकता है। पटरी दुकानदारों को फुटपाथ और सड़क पर ही दुकानें लगाने में मजा आता है। जबकि जो जगह जिस चीज के लिए बनायी गयी है उसी के लिए इस्तेमाल किया जाना चाहिए… विनोद अग्रवाल, मुख्य संयोजक, अमीनाबाद व्यापार संघर्ष समिति।

अमीनाबाद के पटरी दुकानदार फिर से पुरानी जगहों पर ही दुकानें लगा रहे हैं। उनको नगर निगम ने झंडेवाला पार्क में जगह आवंटित की गयी थी। पटरी दुकानदारों ने ही नगर निगम पर पैसा लेकर आवंटन करने का आरोप लगाया था। इसीलिए नगर निगम दूसरी जगह से इन्हें नहीं हटा रहा है…अमरनाथ मिश्रा, वरिष्ठ महामंत्री, लखनऊ व्यापार मंडल।

संबंधित समाचार