बरेली: मोबाइल सेवाएं भी निजी हाथों में सौंपने की तैयारी में बीएसएनएल
बरेली, अमृत विचार। पिछले साल एक साथ 177 कर्मियों के स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति (वीआरएस) लेने से लड़खड़ाई सार्वजनिक क्षेत्र की सबसे बड़ी कंपनी भारत संचार निगम लिमिटेड (बीएसएनएल) अपनी संपत्तियों को बेचने और किराये पर देने के साथ ही अब जनता से जुड़ी सेवाओं की देखरेख की जिम्मेदारी भी निजी हाथों में देने की तैयारी में …
बरेली, अमृत विचार। पिछले साल एक साथ 177 कर्मियों के स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति (वीआरएस) लेने से लड़खड़ाई सार्वजनिक क्षेत्र की सबसे बड़ी कंपनी भारत संचार निगम लिमिटेड (बीएसएनएल) अपनी संपत्तियों को बेचने और किराये पर देने के साथ ही अब जनता से जुड़ी सेवाओं की देखरेख की जिम्मेदारी भी निजी हाथों में देने की तैयारी में है। प्रदेश के कुछ जिलों में विभाग की सिविल विंग ने इस पर काम करना भी शुरू कर दिया है। इस साल के अंत तक बरेली मंडल के समस्त जिलों के सभी टावरों और केबल की देखरेख की जिम्मेदारी भी एजेंसी को सौंप दी जाएगी।
जिले में बीएसएनएल के करीब 165 मोबाइल टावर लगे हैं। इन पर बीटीएस लगाकर मोबाइल सेवाएं संचालित की जा रही हैं। सरकारी आंकड़ों की बात करें तो जिले में बीएसएनएल के करीब 165 टूजी और थ्रीजी के टॉवर संचालित हैं। इनकी देखरेख अभी बीएसएनएल खुद कर रहा था लेकिन पिछले साल एक साथ बड़ी संख्या में कर्मचारियों की सेवानिवृत्ति की वजह से इनकी मॉनिटरिंग करने में दिक्कतें आ रही हैं। पर्याप्त डीजल नहीं मिलने की शिकायतें तो अक्सर रहती थीं।
मेंटेंनेंस कार्य भी नहीं हो पा रहा था। यह स्थिति अन्य जिलों में भी बनी है। टॉवरों की देखरेख के लिए कई जगह तो संविदा कर्मी लगाए गए। फिर भी व्यवस्था चल नहीं सकी। जिसको देखते हुए अब मुख्यालय से ही एजेंसी के जरिये इन टॉवरों की देखरेख की जिम्मेदारी निजी एजेंसी से लिए जाने का निर्णय लिया है।
महाप्रबंधक अनिल कुमार का कहना है कि टॉवर के साथ उससे जुड़े बीटीएस, नेटवर्क केबल की देखरेख भी निजी एजेंसी करेगी। इसकी योजना मुख्यालय स्तर पर तैयार हो चुकी है। निजी एजेंसी को किस रेट पर काम किया दिया जाएगा, यह तो सिविल विंग की तरफ से आदेश आने के बाद ही साफ हो सकेगा।
