लखनऊ: गन्ना विभाग ने कराया 1,988 महिला स्वयं सहायता समूहों का गठन, जानें क्यों?

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लखनऊ। गन्ना विकास विभाग द्वारा प्रदेश की महिलाओं को आर्थिक रूप से समृद्ध करने के लिए प्रदेश के 36 गन्ना बहुल जिलों में 1,988 महिला स्वयं सहायता समूहों का गठन किया गया है, जिसमें 43,609 महिला उद्यमी पंजीकृत हैं। चीनी उद्योग एवं गन्ना विकास विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार जब अधिकतर ग्रामीण परिवेश से …

लखनऊ। गन्ना विकास विभाग द्वारा प्रदेश की महिलाओं को आर्थिक रूप से समृद्ध करने के लिए प्रदेश के 36 गन्ना बहुल जिलों में 1,988 महिला स्वयं सहायता समूहों का गठन किया गया है, जिसमें 43,609 महिला उद्यमी पंजीकृत हैं। चीनी उद्योग एवं गन्ना विकास विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार जब अधिकतर ग्रामीण परिवेश से जुड़े लोग शहर आकर आजीविका के लिए कार्य नहीं कर पा रहे हैं।

ऐसी विषम परिस्थितियों में ग्रामीण महिला उद्यमियों को तो गन्ना विकास विभाग के सिंगल बड चिप कार्यक्रम के माध्यम से स्थानीय स्तर पर रोजगार की प्राप्ति हो रही है, वहीं दूसरी तरफ इस कार्यक्रम के माध्यम से महिला स्वयं सहायता समूहों के परिवार के सदस्यों को भी रोजगार की प्राप्ति हो रही है। अब तक महिला स्वयं सहायता समूहों के परिवार के सदस्यों को स्थानीय स्तर पर 1,98,155 कार्य दिवस का रोजगार प्राप्त हुआ है।

इन समूहों से जुड़ी महिलाओं को सिंगल बड चिप के सीडलिंग तैयार करने के लिए विभाग द्वारा प्रशिक्षित किया गया है। महिला समूहों द्वारा अब तक 10.98 करोड़ सीडलिंग की बिक्री करते हुए महिला समूहों द्वारा लगभग 28 करोड़ रूपये की आय अर्जित की गई। गन्ने की नर्सरी से प्रति महिला उद्यमी एक सत्र में औसतन 59,000 रूपये की आय प्राप्ति होगी। अब तक प्रदेश की महिलाओं को लगभग 09 लाख मानव दिवस का रोजगार उपलब्ध हुआ है।

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