अमरोहा : समस्याओं के समाधान के लिए भाकियू भानु कार्यकर्ताओं ने लगाया जाम
अमरोहा, अमृत विचार। भाकियू भानु ने किसानों की मांगों को लेकर कलेक्ट्रेट का घेराव किया। समस्याओं के निस्तारण हेतु मौके पर अधिकारी न पहुंचने पर कार्यकर्ताओं और किसानों ने कलेक्ट्रेट के बाहर रोड जाम कर दिया। हरकत में आए प्रशासनिक अफसरों और पुलिस ने किसानों को समझा-बुझाकर जाम खुलवाया। इसके सैंकड़ों किसान और कार्यकर्ता कलेक्ट्रेट …
अमरोहा, अमृत विचार। भाकियू भानु ने किसानों की मांगों को लेकर कलेक्ट्रेट का घेराव किया। समस्याओं के निस्तारण हेतु मौके पर अधिकारी न पहुंचने पर कार्यकर्ताओं और किसानों ने कलेक्ट्रेट के बाहर रोड जाम कर दिया। हरकत में आए प्रशासनिक अफसरों और पुलिस ने किसानों को समझा-बुझाकर जाम खुलवाया। इसके सैंकड़ों किसान और कार्यकर्ता कलेक्ट्रेट में धरने पर बैठ गए। मौके पर पहुंचे बिजली, कृषि और चकबंदी अधिकारियों को समस्याओं के बारे में अवगत कराते हुए समाधान की मांग की।
शुक्रवार को भारतीय किसान यूनियन भानु के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष चौधरी दिवाकर सिंह के नेतृत्व में कार्यकर्ता और सैकड़ों किसान कलेक्ट्रेट पर पहुंचे। मांगों को लेकर कार्यकताओं और किसानों ने प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने अधिकारियों पर समस्याओं का समाधान न करने का आरोप लगाया। इसके बाद कई सौ कार्यकर्ता और किसान कलेक्ट्रेट पर पहुंच गए।
गुस्साए किसनों ने अमरोहा-जोया रोड जाम कर विरोध जताया और नारेबाजी की। जाम लगते ही प्रशासनिक अधिकारियों में हड़कंप मच गया। किसानों को समझा बुझाकर प्रशासनिक अफसरों और पुलिस ने जाम खुलवाया। इसके बाद भाकियू भानु कार्यकर्ता और किसान कलेक्ट्रेट पर जाकर धरने पर बैठ गए। वहां भी उन्होंने अफसरों पर किसानों की अनदेखी का करने का आरोप लगाया।
बकाया गन्ना मूल्य मय ब्याज के भुगतान, गन्ना मूल्य 450 रुपये प्रति कुंतल घोषित करने, किसान सम्मान निधि, चकबंदी, 25 अक्तूबर तक सभी शुगर मिलों का संचालन, बिजली की बढ़ी हुई दरों को वापस लेने, किसान दुर्घटना बीमा की राशि 5 लाख से बढ़ाकर दस लाख रुपये करने समेत कई मांगों को अधिकारियों के सामने रखा।
मौके पर पहुंचे अधिकारियों ने भी किसानों की समस्याओं को सुनकर जल्द से जल्द समाधान कराने का आश्वासन दिया। धरने के बाद भाकियू भानु ने एक ज्ञापन जिला प्रशासन को सौंपा। इस मौके पर गंगाराम, जयपाल सिंह, कल्लू सिंह, धर्मवीर सिंह, विजयपाल, देशराज, राजवीर सिंह, धनवीर, सुरजीत, काविंद्र सिंह, भूरे सिंह, मुजाहिद आदि कार्यकर्ता और किसान मौजूद रहे।
