बरेली: डेढ़ साल से अधर में अटका रेलवे के मनोरंजन सदन का सौंदर्यीकरण
बरेली, अमृत विचार। जंक्शन का ब्रिटिशकालीन मनोरंजन सदन इन दिनों अपनी बदहाली पर आंसू बहा रहा है। रेलवे कर्मचारियों के परिवार में शादी और अन्य आयोजनों के काम आने वाले इस भवन की मरम्मत का काम यूं तो डेढ़ साल पहले शुरू किया गया था मगर अभी तक अधर में लटका हुआ है। रेलवे कर्मचारी …
बरेली, अमृत विचार। जंक्शन का ब्रिटिशकालीन मनोरंजन सदन इन दिनों अपनी बदहाली पर आंसू बहा रहा है। रेलवे कर्मचारियों के परिवार में शादी और अन्य आयोजनों के काम आने वाले इस भवन की मरम्मत का काम यूं तो डेढ़ साल पहले शुरू किया गया था मगर अभी तक अधर में लटका हुआ है। रेलवे कर्मचारी या फिर कोई बाहरी व्यक्ति भी इसको किराए पर ले सकता है। पुरानी इमारत को नया करने के लिए तीन बार बजट बढ़ाया गया। मगर डेढ़ साल बाद भी यह भवन पूरी तरह इस्तेमाल करने की स्थिति में नहीं आया है।
एक प्राइवेट एजेंसी ने साल 2019 में यहां पुराना प्लास्टर हटाकर नए सिरे से काम शुरू किया था। शुरुआत में करीब 40 लाख रुपये से मरम्मत की जानी थी। लेकिन बाद में फिर बजट को 10 लाख रुपये बढ़ा दिया गया। मनोरंजन सदन में मरम्मत का काम कोरोना काल के दौरान प्रभावित भी हुआ।
संक्रमण काल खत्म हुआ तो एक बार फिर बजट में 15 लाख की बढ़ोतरी कर दी गई। कहा जा रहा है कि इसका जीर्णोद्धार 65 लाख रुपये में पूरा होगा। दूसरी तरफ ठेकेदार का कहना है कि बजट की जानकारी कांट्रेक्ट पेपर देखकर ही बताई जा सकती है। डीआरएम आफिस से उद्घाटन की तारीख का इंतजार किया जा रहा है। उद्घाटन की तारीख से पहले काम पूरा कर लिया जाएगा।
मरम्मत और पुताई का काम शेष
बता दें कि मनोरंजन सदन के पीछे की ओर नया निर्माण नजर आता है लेकिन आगे की तरफ हालत काफी खस्ता है। मरम्मत और पेंट का काफी काम अब भी बचा हुआ है।
कर्मचारियों के लिए भवन का किराया 5000
मनोरंजन सदन को रेलवे कर्मचारियों के लिए पांच हजार रुपये और बाहरी व्यक्ति के लिए 10 हजार रुपये में किराए पर दिया जाता है। लेकिन इसके शुरू नहीं होने से राजस्व का भी घाटा हो रहा है।
यूनियन के नेताओं ने की थी निर्माण कार्य के जांच की मांग
उधर यूनियन के नेताओं ने तत्कालीन डीआरएम को भी पूरे मामले से अवगत कराया था। ताकि रेलवे कर्मचारियों के परिवार में होने वाले आयोजनों को बेरोक-टोक किया जा सके। यूनियन के नेताओं ने मांग की थी की जो भी निर्माण कार्य किया जा रहा है, उसकी जांच की जानी चाहिए।
