बरेली: विकास कार्यों में देरी पर तीन ठेकेदारों पर ठोका जुर्माना
बरेली, अमृत विचार। शहर में विकास कार्यों को लेकर देरी पर शिकंजा कसते हुए अधिकारियों ने अब कार्रवाई शुरू कर दी है। शनिवार को नगर आयुक्त अभिषेक आनंद के साथ मुख्य अभियंता बीके सिंह ने शहर में चल रहे निर्माणाधीन कार्यों का निरीक्षण किया। इस दौरान कई कामों में लापरवाही व देरी मिलने पर तीन …
बरेली, अमृत विचार। शहर में विकास कार्यों को लेकर देरी पर शिकंजा कसते हुए अधिकारियों ने अब कार्रवाई शुरू कर दी है। शनिवार को नगर आयुक्त अभिषेक आनंद के साथ मुख्य अभियंता बीके सिंह ने शहर में चल रहे निर्माणाधीन कार्यों का निरीक्षण किया। इस दौरान कई कामों में लापरवाही व देरी मिलने पर तीन ठेकेदारों पर दो-दो लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया। जबकि, देरी के लिए जिम्मेदार दो अभियंताओं को कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।
अधिकारियों का कहना है कि विकास कार्यों को शुरू हुए लंबा समय हो गया है। इसलिए ठेकेदार और जिम्मेदार इंजीनियरों को काम पूरा करने के लिए अब ज्यादा वक्त नहीं दिया जा सकता। विकास से जुड़े कामों में लेटलतीफी करने वाले ठेकेदारों की मनमानी पर अंकुश लगाने के लिए नगर आयुक्त ने शनिवार को मौके पर जाकर निरीक्षण किया। साथ ही ठेकेदारों को सख्त हिदायत दी। स्टेडियम रोड के चौड़ीकरण में बिजली खंभे शिफ्ट करने का काम बहुत धीमा चल रहा था, जिसकी वजह से समय पर काम पूरा होने की मियाद निकल रही थी।
नगर आयुक्त ने बिजली शिफ्टिंग और सड़क चौड़ीकरण के कामों में हो रही देरी पर दोनों ठेकेदार पर दो-दो लाख रुपये का जुर्माना लगाने के निर्देश मुख्य अभियंता को दिए। आईवीआरआई रोड का चौड़ीकरण के काम में गुणवत्ता सही नहीं मिली। काम भी धीमा चल रहा था। नगर आयुक्त ने नाराजगी जताते हुए ठेकेदार की फर्म पर दो लाख रुपये का जुर्माना लगाने के निर्देश दिए। हिदायत दी कि समय पर काम पूरा नहीं किया तो फर्म को ब्लैक लिस्ट करने की कार्रवाई की जाएगी।
मुख्य अभियंता बीके सिंह ने बताया कि काम की गुणवत्ता खराब होने पर ठेकेदारों को चेतावनी दी गई। संबंधित सहायक अभियंता, अवर अभियंता को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं। गौरतलब है कि शहर की जनता को सहूलियत देने के लिए विकास के काम नगर निगम प्रशासन करा रहा है। तमाम हिदायत और चेतावनी के बाद भी व्यवस्था पटरी पर नहीं आ रही है। हालात ऐसे बन गए हैं कि ठेकेदारों की मनमानी चल रही है। इंजीनियर मौके पर जाने की जहमत तक नहीं दिखा रहे हैं।
