लालकुआं: कोतवाली में नारेबाजी पर पुलिस ने खदेड़ा, चार हिरासत में
लालकुआं, अमृत विचार। चार दिन पूर्व बिंदुखत्ता में युवक पर हुए कातिलाना हमले के मामले में आरोपी की गिरफ्तारी ना होने से कोतवाली के सामने प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों को पुलिस ने लठिया कर खदेड़ दिया। जबकि चार युवकों को हिरासत में ले लिया। रविवार की शाम लगभग तकरीबन 6 बजे बिंदुखत्ता क्षेत्र के दर्जनों …
लालकुआं, अमृत विचार। चार दिन पूर्व बिंदुखत्ता में युवक पर हुए कातिलाना हमले के मामले में आरोपी की गिरफ्तारी ना होने से कोतवाली के सामने प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों को पुलिस ने लठिया कर खदेड़ दिया। जबकि चार युवकों को हिरासत में ले लिया।
रविवार की शाम लगभग तकरीबन 6 बजे बिंदुखत्ता क्षेत्र के दर्जनों युवक शास्त्रीनगर निवासी धीरज पांडे पर चार दिन पूर्व कथित रूप से छात्र नेता विकास सिजवाली द्वारा फायरिंग करते हुए प्राणघातक हमला किया गया।
इस मामले में पीड़ित के पिता की तहरीर पर पुलिस ने धारा 307 आईपीसी के तहत रिपोर्ट दर्ज की थी, लेकिन आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हो सकी। जिससे नाराज बिंदुखत्ता के दर्जनों युवा स्थानीय कोतवाली जा पहुंचे और पुलिस क्षेत्राधिकारी प्रमोद कुमार शाह व कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक संजय कुमार से वार्ता की। संतुष्ट न होने पर युवाओं ने कोतवाली के सामने नारेबाजी शुरू कर दी।
पुलिस क्षेत्राधिकारी और कोतवाल ने युवकों से ऐसा न करने को कहा, लेकिन जब युवा नहीं मानें तो पुलिस ने लाठियां फटकारते हुए सभी को खदेड़ दिया तथा प्रदर्शनकारियों का नेतृत्व कर रहे तराई भाबर बचाओ संघर्ष समिति के संयोजक रमेश पलड़िया समेत चार युवकों को हिरासत में ले लिया। पकड़े गए युवकों में रमेश पलडिया, प्रकाश पांडे, मनोज जोशी, नवीन पंत नाभादास के खिलाफ शांति भंग की धारा 151 के तहत चालान कर दिया।
कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक संजय कुमार ने बताया कि प्रदर्शनकारियों को उन्होंने कई बार समझाया कि मेडिकल रिपोर्ट में गन शॉट के इनपुट नहीं मिले हैं, परंतु वह नहीं माने। उन्होंने कोतवाली का रास्ता अवरुद्ध करते हुए नारेबाजी की तथा शांति भंग की। जिस पर पुलिस ने 4 युवकों को हिरासत में लेकर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की है।
