बाराबंकी: श्रीमद्भागवत कथा महापुराण में हुआ श्रीकृष्ण रुक्मणी विवाह का मनमोहक आयोजन

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बाराबंकी। क्षेत्र के पूरे पोखई गांव में स्थित माँ भगवती के स्थान पर चल रही श्रीमद्भागवत कथा महापुराण में सोमवार को श्रीकृष्ण रुक्मणी विवाह का मनमोहक आयोजन किया गया, इस दौरान स्रोता जमकर झूमे। सोमवार को तहसील रामसनेहीघाट क्षेत्र के अंतर्गत पूरे पोखई गांव में स्थित मां भगवती के स्थान पर चल रही श्रीमद्भागवत कथा …

बाराबंकी। क्षेत्र के पूरे पोखई गांव में स्थित माँ भगवती के स्थान पर चल रही श्रीमद्भागवत कथा महापुराण में सोमवार को श्रीकृष्ण रुक्मणी विवाह का मनमोहक आयोजन किया गया, इस दौरान स्रोता जमकर झूमे। सोमवार को तहसील रामसनेहीघाट क्षेत्र के अंतर्गत पूरे पोखई गांव में स्थित मां भगवती के स्थान पर चल रही श्रीमद्भागवत कथा में हरीलालपुरवा महुलारा गुरु आश्रम बड़ी छावनी श्रीधाम अयोध्या से पधारे कथावाचक पंडित वेद प्रकाश बाजपेई जी महाराज ने रास पंच अध्याय का वर्णन किया।

उन्होंने कहा कि महारास में पांच अध्याय हैं। उनमें गाए जाने वाले पंच गीत भागवत के पंच प्राण हैं। जो भी ठाकुरजी के इन पांच गीतों को भाव से गाता है, वह भव पार हो जाता है और उन्हें वृंदावन की भक्ति सहज प्राप्त हो जाती है। कथा में भगवान का मथुरा प्रस्थान, कंस का वध, महर्षि संदीपनी के आश्रम में विद्या ग्रहण करना, कल्यवान का वध, उद्धव गोपी संवाद, ऊद्धव द्वारा गोपियों को अपना गुरु बनाना, द्वारका की स्थापना एवं रुक्मणी विवाह के प्रसंग का संगीतमय कथा का श्रवण कराया गया।

व्यास वक्ता श्री बाजपेई जी महाराज ने कहा कि महारास में भगवान श्रीकृष्ण ने बांसुरी बजाकर गोपियों का आह्वान किया और महारास लीला द्वारा ही जीवात्मा का परमात्मा से मिलन हुआ। कथा के दौरान भगवान श्रीकृष्ण रुक्मणी के विवाह की प्रस्तुति झांकी द्वारा की गई जो लोगो के मनमोहक व आकर्षण का केंद्र रही। रुक्मणी विवाह के समय व्यास द्वारा की गई संगीतमयी कथा ने श्रद्धालुओं को झूमने पर मजबूर कर दिया।

इस दौरान कथा मंडप में विवाह का प्रसंग आते ही श्रीकृष्ण-रुक्मणी पर श्रद्धालुओ ने फूलों की वर्षा की। व्यास वक्त पंडित वेद प्रकाश बाजपेई ने भागवत कथा पर प्रकाश डालते हुए उसके महत्व के बारे में बताया उन्होंने कहा कि जो भी ब्यक्ति कृष्ण-रुक्मणी के विवाह उत्सव में शामिल होते हैं उनकी वैवाहिक समस्या हमेशा के लिए समाप्त हो जाती है, जीव परमात्मा का अंश है इसलिए जीव के अंदर अपार शक्ति रहती है यदि कोई कमी रहती है, तो वह मात्र संकल्प की होती है संकल्प एवं कपट रहित होने से प्रभु उसे निश्चित रूप से पूरा करेंगे। इस मौके पर व्यास का साथ दे रहे पंडित पवन कुमार उर्फ ननकन, गोपाल बाजपेई सहित पंडित दुर्गेश तिवारी, पत्रकार अजय तिवारी, आदि मौजूद रहे।

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