बरेली: घर से निकलते ही सताने लगता है चालान का डर
बरेली, अमृत विचार। अब तो घर से निकलते ही चालान होने का डर बाइक सवारों को सताने लगा है। पुलिस चाहे तो बिना गलती के ही चालान काट दे रही है। ऐसे में बाइक और स्कूटी सवार लोग वाहनों से बाहर आने में डर रहे हैं। पुलिस लोगों के चेहरे देखकर कार्रवाई करती है। ग्रामीण …
बरेली, अमृत विचार। अब तो घर से निकलते ही चालान होने का डर बाइक सवारों को सताने लगा है। पुलिस चाहे तो बिना गलती के ही चालान काट दे रही है। ऐसे में बाइक और स्कूटी सवार लोग वाहनों से बाहर आने में डर रहे हैं। पुलिस लोगों के चेहरे देखकर कार्रवाई करती है। ग्रामीण क्षेत्र से आने वाले लोगों को पकड़ लिया जाता है, क्योंकि यह लोग अपनी बात भी सही से नहीं रख पाते हैं।
ट्रैफिक पुलिस चालान काटने से पहले चेहरा देखती है। गांव- देहात से दवा और खरीदारी करने आने वाले वाहन चालकों को पुलिस देखते ही रोक लेती है और सारे कागज पूरे होने के बाद भी पुलिस उनका चालान प्रदूषण के कागज पर कर देती है। वहीं पुलिस के पीड़ित ऐसे तमाम लोग हैं जो कॉलोनी के बाहर खरीदारी करने आ रहे हैं तो भी पुलिस उनका चालान भी कर दे रही है।
जब तक बाइक सवार अपनी बात समझाने का प्रयास करता है तब तक पुलिस उनका चालान काटकर उन्हें मैसेज कर दे रही है। लोग ट्रैफिक पुलिस के इस तरह से चालान काटने से परेशान है, लेकिन उनके सुनने वाला कोई नहीं है इसलिए उन्हें जुर्माना भरना पड़ रहा है। वहीं राजेंद्रनगर और सिविल लाइंस में नाबालिग छात्र-छात्राएं वाहनों से फर्राटा भर रहे हैं लेकिन इन पर कोई रोक नहीं लग रही है।
नहीं सुनी बात काट दिया चालान
जोगी नवादा के रहने वाले राहुल गुप्ता छात्र हैं। उन्होंने बताया कि वह बाइक से काम से जा रहे थे। इसी बीच 100 फुटा रोड पर ट्रैफिक पुलिस ने उन्हें पकड़ लिया और जबरन उनका बिना हेलमेट के चालान काट दिया। राहुल ने बताया कि वह दवा लेने जा रहे हैं लेकिन पुलिस ने उनकी एक न सुनी और कार्रवाई कर दी।
गेट पर थी बाइक, काट दिया चालान
पीलीभीत रोड के रहने वाले पियूष मिश्रा ने बताया कि वह महानगर में अपने रिश्तेदार के यहां गए थे। इसी बीच उन्होंने अपनी बाइक महानगर गेट के पास खड़ी कर दी और सामान खरीदने लगे। इसी बीच वहीं पर ट्रैफिक पुलिस पहुंची और नो पार्किंग में उनकी बाइक का चालान काट दिया। जबकि उनकी बाइक सड़क से दूर खड़ी थी।
केंद्रीय मोटर वाहन अधिनियम के तहत पूरे देश में एक ट्रैफिक नियम लागू किया गया है। इसके तहत जुर्माना राशि को एक साल पहले ही बढ़ा दिया गया था। तब से उसी के हिसाब से जुर्माना वसूल किया जा रहा है। -राम मोहन सिंह, एसपी ट्रैफिक
