किसानों को तोहफा

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Edited By Amrit Vichar
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केंद्र सरकार ने रबी की छह फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य को बढ़ाकर किसानों को बड़ा तोहफा दिया है। यह फैसला बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडल समिति ने लिया। सरकार ने एमएसपी में बढ़ोतरी का फैसला ऐसे समय पर लिया है जब किसानों ने नए कृषि कानूनों के …

केंद्र सरकार ने रबी की छह फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य को बढ़ाकर किसानों को बड़ा तोहफा दिया है। यह फैसला बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडल समिति ने लिया। सरकार ने एमएसपी में बढ़ोतरी का फैसला ऐसे समय पर लिया है जब किसानों ने नए कृषि कानूनों के विरोध में अपने आंदोलन को तेज कर दिया है। हाल ही में किसान संगठनों ने मुजफ्फरनगर में महापंचायत की है। कुछ ही महीनों बाद उत्तर प्रदेश, पंजाब सहित पांच राज्यों में चुनाव होने वाले हैं। माना जा रहा है कि यूपी और पंजाब में भाजपा को किसानों की नाराजगी का भी सामना करना पड़ सकता है।

केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि सरकार ने रबी की फसलों पर 50 फीसदी तक एमएसपी बढ़ाने का फैसला किया है। आंदोलनकारी किसान जब बातचीत के लिए तैयार होंगे हम बातचीत के लिए तैयार हैं। ऐसे में देखना होगा कि क्या इस एमएसपी के तोहफे से किसानों की नाराजगी दूर होगी। जबकि जानकार इस फैसले को आगामी विधानसभा चुनावों से जोड़कर देख रहे हैं। कहा जा सकता है कि जब इन फसलों की कटाई चल रही होगी, उस समय राजनैतिक दल चुनाव प्रचार के लिए मैदान में होंगे।

दिलचस्प है कि एक दिन पहले मंगलवार को आरएसएस से संबद्ध भारतीय किसान संघ (बीकेएस) ने सरकार से किसान की उपज का पारिश्रमिक मूल्य तय करने के लिए नया कानून लाने का आग्रह किया था। बीकेएस का कहना था कि एमएसपी एक दिखावा है, किसानों को उपज का पारिश्रमिक मूल्य देने के लिए नया कानून बनाया जाना चाहिए।

बीकेएस ने देशव्यापी आंदोलन के तहत बुधवार को नागपुर में प्रदर्शन कर नए कृषि कानूनों में ‘सुधार’ का आह्वान भी किया। देश में रबी की फसलें उन्हें कहा जाता है जिनकी बुआई अक्टूबर-नवंबर में की जाती हैं। फरवरी-मार्च में इनकी कटाई होती है। सरकार हर फसल सीजन से पहले सीएसीपी यानी कमीशन फॉर एग्रीकल्चर कॉस्ट एंड प्राइजेस की सिफारिश पर एमएसपी तय करती है।

यदि किसी फसल की बम्पर पैदावार हुई है तो उसकी बाजार में कीमतें कम होती है, तब एमएसपी उनके लिए फिक्स एश्योर्ड प्राइज का काम करती है। यह एक तरह से कीमतों के गिरने पर किसानों को बचाने वाली बीमा पॉलिसी की तरह काम करती है। हालांकि किसी कृषि उत्पाद के लिए ऊंचे न्यूनतम समर्थन मूल्य का ऐलान और घोषित एमएसपी को वास्तव में दिलाने में फ़र्क है और लाभकारी मूल्य किसानों का अधिकार है और सरकार को इसे सुगम बनाना चाहिए। न्यूनतम समर्थन मूल्य पर ठीक से खरीद हो इसके लिए सरकारों को फसल के समस्या रहित विपणन के प्रबंध करने होंगे। तय करना होगा कि किसान को उसकी उपज का समय पर और पूरा भुगतान मिले।