लखनऊ: वेतन व अन्य मांगों के समर्थन में कर्मियों ने घेरा जल निगम मुख्यालय
लखनऊ। उत्तर प्रदेश जल निगम संघर्ष समिति के आवाह्न पर बुधवार को जल निगम मुख्यालय को कर्मियों ने घेरा। कर्मचारी वेतन व अन्य मांगों के समर्थन में प्रदर्शन कर रहे हैं। तय रणनीति के अनुसार मुख्यालय से पटेल पार्क हजरतंगज रैली निकाली थी, इसके बाद आगामी कार्यक्रमों की घोषणा की जाती। इससे पूर्व ही कर्मियों …
लखनऊ। उत्तर प्रदेश जल निगम संघर्ष समिति के आवाह्न पर बुधवार को जल निगम मुख्यालय को कर्मियों ने घेरा। कर्मचारी वेतन व अन्य मांगों के समर्थन में प्रदर्शन कर रहे हैं। तय रणनीति के अनुसार मुख्यालय से पटेल पार्क हजरतंगज रैली निकाली थी, इसके बाद आगामी कार्यक्रमों की घोषणा की जाती। इससे पूर्व ही कर्मियों की मंशा पर पुलिस ने पानी फेर दिया। पुलिस ने मुख्यालय से हजरतगंज की तरफ से जाने वाली सड़क को बल्लियों से घेर दिया। कर्मचारी नेताओं का आरोप है कि विभिन्न जिलों से प्रदर्शन करने आ रहे कर्मियों को पुलिस ने वहीं पर रोक दिया है। फिलहाल जल निगम प्रशासन की ओर से प्रदर्शन व रैली पर रोक लगाने का आदेश बुधवार को ही जारी कर दिया था।
पांच माह से वेतन व पेंशन न मिलने से आक्रोशित जल निगम कर्मचारी आंदोलन कर रहे हैं। कर्मचारी जलनिगम का दो विभाजन किए जाने का भी विरोध कर रहे हैं। बुधवार को अपर मुख्य सचिव नगर विकास से सवा घंटे चली वार्ता का कोई सकारात्मक परिणाम न आने पर कर्मियों ने रैली कराने का निर्णय लिया था और दावा था कि प्रदेश भर से दस हजार कर्मचारी जुटेंगे। अपर मुख्य सचिव से वार्ता में जल निगम को दो भागों में विभाजन करने के आदेश को रद करने की मांग की गई थी।
इसी तरह पांच माह का वेतन व पेंशन का भुगतान करने की मांग पर एक माह का भुगतान 13 सितंबर को किए जाने का आश्वासन अपर मुख्य सचिव की तरफ से दिया गया। समिति के मीडिया प्रभारी अजय पाल सिंह सोमवंशी ने बताया कि शासन के अधिकारी साजिशन ही मामले को लटकाना चाहते हैं। वेतन व पेंशन न मिलने से कर्मचारियों के सामने भूखमरी की समस्या खड़ी हो गई है। पदाधिकारियों का कहना है कि जल निगम वर्तमान में प्रबंधन के कुव्यवस्था और अनियमिताओं के कारण पांच माह से वेतन और पेंशन नहीं दे रहा है। इस प्रदर्शन में कई जिलों से करीब तीन हजार कर्मचारियों ने भाग लिया।
ये हैं मांगे
- पांच माह से बकाया वेतन/पेंशन का भुगतान न करने के विरुद्ध
- 2016 से सेवानैवृतिक देयों का भुगतान न किए जाने के विरुद्ध
- जल निगम के पुनर्गठन के नाम पर जल निगम का विभाजन रोकने के लिए
- पेयजल, सीवरेज, ड्रेनेज, नदी प्रदूषण की समग्र एवं समन्वित प्रणाली को ध्वस्त होने से बचाने के लिए
