रामपुर: खनन माफिया ने शुरू कराई अफसरों के घर-दफ्तरों के बाहर निगरानी

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Edited By Amrit Vichar
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रामपुर, अमृत विचार। कोसी नदी में अवैध खनन ने तेजी पकड़ ली है। प्रशासनिक अफसरों की पल पल की गतिविधि अब खनन माफिया को मिल रही है। माफिया के गुर्गों की निगरानी इतनी तेज है कि कौन अफसर कब घर गया और दफ्तर आया, कहां कहां गया यह सब रिकार्डिंग फोन से करके पहुंचाई जा …

रामपुर, अमृत विचार। कोसी नदी में अवैध खनन ने तेजी पकड़ ली है। प्रशासनिक अफसरों की पल पल की गतिविधि अब खनन माफिया को मिल रही है। माफिया के गुर्गों की निगरानी इतनी तेज है कि कौन अफसर कब घर गया और दफ्तर आया, कहां कहां गया यह सब रिकार्डिंग फोन से करके पहुंचाई जा रही है।

कहीं भी छापा मारने की अफसर सोच भी रहे हैं तो वह बात माफिया तक पहुंच रही है। छोटे ही नहीं बड़े अफसर डीएम-एसपी भी निगरानी के दायरे में हैं। खनन अधिकारी राजकुमार संगम ने भी अफसरों के घरों के बाहर फील्डर लगाए जाने की पुष्टि करते हुए कहा है कि इस में शासन को लिखा जाएगा।

कोसी नदी में तेजी के साथ अवैध खनन हो रहा है। सबसे ज्यादा अवैध खनन सुल्तानपुर पट्टी के बाद यूपी की सीमा में पट्टीकलां, घोसीपुरा, अकबराबाद, दढ़ियाल, पसियापुरा, बेनजीर साइड से होकर कोसी के रेलवे पुल के नीचे तक हो रहा है। प्रानपुर के पुल के पास जहां एसपी ने छापा मारा था, वहां फिर से अवैध खनन की रफ्तार तेज हो गई है। अखबार में खनन की खबरें सुर्खियां बनने से माफिया में खलबली है। अफसरों ने भी छापा मारना शुरू किया है तो माफिया ने अफसरों के घरों की निगरानी बढ़ा दी है।

डीएम-एसपी से लेकर एडीएम, एसडीएम और तहसीदार के घर और दफ्तरों पर फील्डर निगरानी रखे हुए हैं। जैसे ही अफसर निकलते हैं छापे की सूचना माफिया तक पहुंचाकर उन्हें अलर्ट कर देते हैं, छापा पड़ता है तो मौके पर कुछ नहीं मिलता है। खनन अधिकारी राजकुमार संगम ने बताया कि वे चित्रकूट तैनात रह चुके हैं, वहां खनन माफिया का इतना फील्डिंग करने वाले गुर्गों का नेटवर्क नहीं है इतना यहां है। शासन को इस बारे में लिखा जाएगा।

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