नए अवसर

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Edited By Amrit Vichar
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कोरोना महामारी के बाद आर्थिक गतिविधियां धीरे-धीरे सामान्य हो रही हैं, लेकिन देश की बेरोजगारी दर में अपेक्षित सुधार नहीं हो रहा है। हालांकि निर्यात बढ़ने से देश में रोजगार के क्षेत्र में नए अवसरों की संभावना बन रही है। सेंटर फॉर मॉनिटरिंग इंडियन इकॉनमी (सीएमआईई) के ताजा आंकड़ों के अनुसार इस वर्ष अगस्त में …

कोरोना महामारी के बाद आर्थिक गतिविधियां धीरे-धीरे सामान्य हो रही हैं, लेकिन देश की बेरोजगारी दर में अपेक्षित सुधार नहीं हो रहा है। हालांकि निर्यात बढ़ने से देश में रोजगार के क्षेत्र में नए अवसरों की संभावना बन रही है। सेंटर फॉर मॉनिटरिंग इंडियन इकॉनमी (सीएमआईई) के ताजा आंकड़ों के अनुसार इस वर्ष अगस्त में भी बेरोजगारी दर 8.3 फीसदी रही, जबकि जुलाई में 6.95 प्रतिशत थी।

ग्रामीण बेरोजगारी दर भी 1.3 फीसदी बढ़कर 7.64 प्रतिशत हो गई है। आंकड़े बता रहे हैं कि अकेले अगस्त महीने में 16 लाख लोगों की नौकरी चली गई और इनमें से 13 लाख लोग ग्रामीण क्षेत्र के थे। मांग की कमी की समस्या से जूझती अर्थव्यवस्था के लिए यह स्थिति अच्छी नहीं कही जा सकती। सरकार ने कुछ दिनों पहले ही आर्थिक विकास दर तेज करने और रोजगार के मौके बढ़ाने की मंशा से ही मॉनिटाइजेशन पॉलिसी घोषित की है। हालांकि इस योजना को जमीन पर उतारने में समय लगेगा।

दूसरी ओर निर्यात के आंकड़े उत्साह बढ़ाने वाले हैं। वर्ष के पहले पांच महीनों में देश से वस्तुओं का निर्यात 67 प्रतिशत वृद्धि (2020-21 की समान अवधि की तुलना में) के साथ 164 अरब डॉलर रहा। पिछले एक दशक से अधिक अवधि में देश के निर्यात में इतनी वृद्धि नहीं देखी गई थी। भारत से चीन को होने वाला निर्यात बढ़ रहा है। वर्ष 2020-21 में देश का निर्यात 7 प्रतिशत कम हो गया, मगर चीन को होने वाला निर्यात 26 प्रतिशत तक बढ़ गया। अमेरिका भारत का सबसे बड़ा निर्यात बाजार है।

उदाहरण के लिए मोतियों एवं जवाहरात का निर्यात खासा सुधरा है। देश से कुल निर्यात वस्तुओं में इनकी हिस्सेदारी भी बढ़कर 7 प्रतिशत तक हो गई। इस क्षेत्र पर काफी ध्यान देने की जरूरत है, क्योंकि यह छोटे शहरों में हजारों लोगों को रोजगार देता है। अप्रैल-जून 2021 अवधि में स्वर्ण आभूषण निर्यात सुधरा है, मगर कोविड-19 महामारी से पहले कुल निर्यात में 4 प्रतिशत हिस्सेदारी के स्तर से यह अब भी दूर है। रेडीमेड कपड़े, रेशे, इनसे बने उत्पाद एवं संबद्ध वस्तुओं का निर्यात भी 2021 में शानदार रहा है।

इस क्षेत्र में भी रोजगार सृजन की संभावनाएं हैं। निर्यात से लाभान्वित होने वाले सभी क्षेत्र रोजगार सृजित कर सकते हैं। जब अधिक रोजगार देने वाले क्षेत्रों में निर्यात बढ़ा है तो नीति निर्धारकों को निर्यात में आई तेजी को अवसर में बदलने से नहीं चूकना चाहिए। अगर वे इस अवसर का उपयुक्त इस्तेमाल नहीं कर पाए तो देश की अर्थव्यवस्था पर प्रतिकूल असर होगा।