बरेली: आबकारी विभाग ने 528 जगहों पर की छापेमारी तो 40 लोग हुए गिरफ्तार, 18 को भेजा जेल
बरेली, अमृत विचार। आगरा और अलीगढ़ में जहरीली शराब पीने की वजह से लोगों की मौतों का मामला गरमाया तो बरेली आबकारी विभाग ने छापेमारी शुरू कर दी। बीते 12 दिनों में आबकारी विभाग ने बरेली के कुल 528 जहगों पर छापेमारी की गई। इसमें करीब 40 लोगों को गिरफ्तार भी किया गया। तो करीब …
बरेली, अमृत विचार। आगरा और अलीगढ़ में जहरीली शराब पीने की वजह से लोगों की मौतों का मामला गरमाया तो बरेली आबकारी विभाग ने छापेमारी शुरू कर दी। बीते 12 दिनों में आबकारी विभाग ने बरेली के कुल 528 जहगों पर छापेमारी की गई। इसमें करीब 40 लोगों को गिरफ्तार भी किया गया। तो करीब 18 लोगों को जेल भी भेज गया है।
छापेमारी में पकड़ी गई 1902 लीटर कच्ची शराब
दरअस, जिला आबकारी अधिकारी नारायण दुबे ने बताया कि बरेली में 26 अगस्त से लेकर 6 सितंबर तक अवैध और कच्ची शराब बनाने वालों के खिलाफ सख्त अभियान चलाया गया। इसमें पुलिस और प्रशासन की टीम भी शामिल थी। इस बीच टीम ने जिले के करीब 528 जगहों पर छापेमारी की। जिसमें करीब 1902 लीटर कच्ची शराब बरामद हुई। तो वहीं करीब 7700 लीटर लहन नष्ट किया गया। उन्होंने बताया कि कच्ची शराब बनाने वालों के खिलाफ यह अभियान जारी रहेगा। जल्द ही दोबारा से भी अभियान चलाकर लोगों को गिरफ्तार किया जाएगा।
40 लोगों में से महज 15 पर आईपीसी में मुकदमा
जिला आबकारी अधिकारी ने बताया कि छापेमारी के दौरान जिन 40 लोगों को गिरफ्तार किया गया था। उसमें से करीब 18 लोगों को जेल भेज दिया गया। करीब 15 लोगों को आईपीसी की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया। अभी भी मामले की जांच पड़ताल जारी है। जैसे ही और लोगों के नाम सामने आएंगे। मामले में कार्रवाई की जाएगी।
कैसे बनाते है यह कच्ची शराब
बताया जाता है कि कच्ची शराब गुड़, शीरा और लहन से बनती है। उत्तर प्रदेश में चीनी मिलें अधिक होने के कारण गुड़ और शीरा मिलने में परेशानी नहीं होती। लहन की खेती गंगा के किनारे खूब होती है। लहन को मिट्टी में गाड़ देते हैं। एक सप्ताह बाद इसमें यूरिया, बेसरमबेल की पत्ती और ऑक्सीटोसिन का इस्तेमाल कर शराब बनाते हैं। इस शराब में मिला ऑक्सीटोसिन ही मौत का कारण बनता है। इस तरह जहरीली या कच्ची शराब का एक पव्वा 10 रुपये में तैयार हो जाता है।
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