रामकिशोर हत्याकांड: कोतवाली प्रभारी ने किया घटना का पर्दाफाश, दो सगे भाई गिरफ्तार
बाराबंकी। जिले के कोतवाली प्रभारी हैदरगढ़ ने दो दिन पहले हुए रामकिशोर हत्याकांड मामले में खुलासा किया है। जिसमें पुलिस ने घटना में शामिल दो आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। अपर पुलिस अधीक्षक ने इस गुडवर्क पर पुलिस टीम को बधाई दी है। जानकारी अनुसार, 13 सितंबर को कोतवाली हैदरगढ़ क्षेत्र के …
बाराबंकी। जिले के कोतवाली प्रभारी हैदरगढ़ ने दो दिन पहले हुए रामकिशोर हत्याकांड मामले में खुलासा किया है। जिसमें पुलिस ने घटना में शामिल दो आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। अपर पुलिस अधीक्षक ने इस गुडवर्क पर पुलिस टीम को बधाई दी है।
जानकारी अनुसार, 13 सितंबर को कोतवाली हैदरगढ़ क्षेत्र के ग्राम तपापुर मजरे सराय रावत निवासी रामकिशोर यादव अपनी पत्नी को यह बताकर घर से निकला था कि वह कोविड का टीका लगवाने के लिए जा रहा है। जब काफी देर तक रामकिशोर घर वापस नहीं लौटा तो घर के परिजनों ने रामकिशोर की तलाश शुरु की। इसपर नगर पंचायत हैदरगढ़ के मोहल्ला सुभाष नगर के पास स्थित कर्बला में रामकिशोर की लाश नाली में पड़ी हुई मिली। मृतक की सूचना वहां मौजूद लोगों ने पुलिस को दी।
मृतक के लाश की शिनाख्त रामकिशोर के रुप में की गई है। यहां पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गला दबाकर हत्या की बात आने पर मृतक की पत्नी सरिता देवी ने कोतवाली हैदरगढ़ में अज्ञात लोगों के विरुद्ध हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था। बुधवार सुबह मुखबिर की सूचना पर कोतवाली प्रभारी हैदरगढ़ बृजेश कुमार वर्मा ने छापा मार करके कोतवाली हैदरगढ़ के मोहल्ला ब्रहम्नान वार्ड निवासी अर्जुन यादव और अनुज यादव पुत्रगण जानकी प्रसाद को धर दबोचा।
इन दोनों भाईयों ने रामकिशोर की हत्या करने की बात भी कबूल की है। पुलिस लाइन में आयोजित प्रेसवार्ता के दौरान अपर पुलिस अधीक्षक मनोज कुमार पाण्डेय ने बताया कि पकड़े गए अभियुक्त चार सगे भाई व एक बहन हैं। इन दोनों अभियुक्तों से दो और बड़े भाई हैं।
