गोरखपुर: ब्लड डोनेशन के नाम पर ‘मिलावटी खून’ की सप्लाई, जानें पूरा मामला
देवरिया (गोरखपुर)। यूपी के देवरिया जिले में शुक्रवार को बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां दारोगा की पत्नी ने पति के खिलाफ अप्राकृतिक संबंध और दहेज उत्पीड़न का मुकदमा रामपुर कारखाना थाने में दर्ज कराया है। इसके बाद पुलिस ने आरोपी दारोगा को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। बता दें कि गोरखपुर …
देवरिया (गोरखपुर)। यूपी के देवरिया जिले में शुक्रवार को बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां दारोगा की पत्नी ने पति के खिलाफ अप्राकृतिक संबंध और दहेज उत्पीड़न का मुकदमा रामपुर कारखाना थाने में दर्ज कराया है। इसके बाद पुलिस ने आरोपी दारोगा को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
बता दें कि गोरखपुर शहर के शाहपुर थाना क्षेत्र के पादरी बाजार निवासी विजय कुमार तिवारी यूपी पुलिस में दारोगा के पद पर तैनात थे। वर्तमान पोस्टिंग गोरखपुर में ट्रैफिक इंस्पेक्टर पद पर थी। उनकी शादी देवरिया जिले के रामपुर कारखाना थाना क्षेत्र के एक गांव में हुई है।
वहीं, पति-पत्नी के आपसी संबंध ठीक नहीं हैं। लगभग 3 माह पहले दारोगा की पत्नी ने पति के खिलाफ अप्राकृतिक दुष्कर्म करने और दहेज उत्पीड़न का मुकदमा रामपुर कारखाना थाने में दर्ज कराया था। पुलिस की ओर से मामले की विवेचना की जा रही थी। पुलिस ने आरोपी टीएसआई को गिरफ्तार कर गुरुवार को सीजेएम कोर्ट में पेश किया। सीजेएम ने टीएसआई को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है।
यह गिरोह कई अस्पतालों और ब्लड बैंक को यह तस्करी और मिलावट वाला ब्लड बेचता था। अमित नागर के मुखबिर की सूचना पर लखनऊ-आगरा एक्सप्रेसवे पर डॉ अभय की इकोस्पोर्ट कार को एसटीएफ और स्वास्थ्य विभाग की टीम रोका था। तलाशी में उसकी कार से ही कुछ ब्लड यूनिट और ब्लड डोनेशन के फर्जी कागजात बरामद हुए थे।
शुरुआती पूछताछ के बाद जब डॉ अभय के आवास पर छापेमारी की गई तो उसके फ्रीज से भी ब्लड यूनिट बरामद हुए। एसटीएफ के डीएसपी ने बताया कि आरोपी डॉ अभय प्रताप सिंह केजीएमयू से एमबीबीएस और पीजीआई लखनऊ से एमडी कर चुका है। डीएसपी अमित नागर ने बताया कि रिमांड पर लेकर आरोपियों से इनके पूरे गिरोह के बारे में सख्ती से पूछताछ की जाएगी।
