रामपुर: रुपयों से भरा बैग छीनकर भागे बंदर, जानें पूरा मामला…
रामपुर। शाहबाद नगर में विनोद बाबू एडवोकेट के हाथ से एक लाख रुपये का नोटों से भरा बैग लेकर बंदर भाग गया। इनमें से एक बंदर पांच-पांच सौ रुपये की दो नोटों की गड्डियां लेकर पेड़ पर चढ़ गया। एक गड्डी तो बंदर ने नीचे फेंक दी और दूसरी गड्डी लेकर बंदर पेड़ पर चढ़ा …
रामपुर। शाहबाद नगर में विनोद बाबू एडवोकेट के हाथ से एक लाख रुपये का नोटों से भरा बैग लेकर बंदर भाग गया। इनमें से एक बंदर पांच-पांच सौ रुपये की दो नोटों की गड्डियां लेकर पेड़ पर चढ़ गया। एक गड्डी तो बंदर ने नीचे फेंक दी और दूसरी गड्डी लेकर बंदर पेड़ पर चढ़ा रहा।
एडवोकेट के बेटे आशीष वशिष्ठ ने बताया कि पिता शाहबाद तहसील में बार के सीनियर एडवोकेट है। आज पिताजी मधुकर ब्रांच गए थे, सैविया कला ब्रांच में एक लाख रुपये जमा करना था। लौटते वक्त थोड़ी देर तहसील में रुके। उन्होंने बताया कि तहसील की गेट पर किसी ने बंदरों के खाने के लिए खाना डाल दिया था। वहां पर काफी बंदर इकट्ठा हो गए थे और पिताजी के हाथ से पैसे का थैला बंदर ले गया। एडवोकेट की मदद से सारा पैसा इकट्ठा हो पाया। उसमें से 17 नोट कम रह गए लेकिन मैं सभी एडवोकेट और लोगों का शुक्रिया करना चाहता हूं जिनकी मदद से पैसा इकट्ठा हो पाया।
तहसील परिसर में यह नजारा देखकर लोग पेड़ के नीचे एकत्र हो गए और बंदर से पैसे छुड़ाने की कोशिश करने लगे। बंदर पेड़ से बैठकर रुपये नीचे बरसाता रहा। सब रुपये जब नीचे गिर गए तो सभी नोटों को इकट्ठा किया गया। गिनती की गई तो 8500 रुपये कम पाए गए।
