बचाव ही उपचार

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Edited By Amrit Vichar
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देश में पिछले 24 घंटों में कोरोना संक्रमण के नए मामलों में तेजी आई है। लगातार चौथे दिन कोरोना मामले बढ़े हैं। पिछले 24 घंटों के दौरान कोरोना के 34,403 नए मामलों की पुष्टि की गई। सक्रिय मामलों के हिसाब से केरल अभी देश में पहले स्थान पर है। कोरोना एक्टिव केस मामले में दुनिया …

देश में पिछले 24 घंटों में कोरोना संक्रमण के नए मामलों में तेजी आई है। लगातार चौथे दिन कोरोना मामले बढ़े हैं। पिछले 24 घंटों के दौरान कोरोना के 34,403 नए मामलों की पुष्टि की गई। सक्रिय मामलों के हिसाब से केरल अभी देश में पहले स्थान पर है। कोरोना एक्टिव केस मामले में दुनिया में भारत अब 7 वें स्थान पर है। कुल संक्रमितों की संख्या के मामले में भारत दूसरे स्थान पर है, जबकि अमेरिका, ब्राजील के बाद सबसे ज्यादा मौत भारत में हुई है। आने वाले त्योहारी सीजन में भीड़भाड़ बढ़ने से कोरोना संक्रमण में बढ़ोतरी की आशंका जताई जा रही है।

विशेषज्ञों का मानना है कि अक्टूबर से नवंबर के बीच कोरोना की तीसरी लहर दस्तक दे सकती है। ऐसे में केंद्र सरकार भी कोरोना संक्रमण को लेकर सतर्क नजर आ रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन पर शुक्रवार को टीकाकरण का आंकड़ा चौथी बार एक करोड़ के आंकड़े को पार कर गया। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि एक महीने से भी कम समय में चौथी बार एक करोड़ से ज्यादा वैक्सीनेशन के साथ देश में कोरोना रोधी टीकों की अब तक 78 करोड़ से अधिक खुराकें दी जा चुकी हैं।

संक्रमण का शीघ्र पता लगाने के लिए सख्ती से जांच कराने पर जोर दिया जाना चाहिए। साथ ही तेजी से टीकाकरण अभियान चलाना होगा। आने वाले दिनों में हमें अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत है। कोरोना के मामलों में कोई बढ़ोतरी न हो इसके लिए भीड़भाड़ से बचते हुए साधारण तरीके से त्योहार मनाने की सलाह जानकार दे रहे हैं।

कोरोना से जारी संघर्ष के बीच देश में डेंगू के साथ अन्य वायरल बुखार भी जोरों पर है। उत्तर प्रदेश से लेकर बिहार, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र इत्यादि कई राज्य इस समय वायरल बुखार और डेंगू के कहर से जूझ रहे हैं। उत्तर प्रदेश में डेंगू के कारण सबसे खराब हाल फिरोजाबाद का है।

डेंगू के कई राज्यों में बढ़ते मामलों को देखते हुए मौजूदा समय में डेंगू से बचाव को लेकर अत्यधिक सावधान रहने की जरूरत है। डेंगू का वायरस शरीर में प्रविष्ट होने के बाद सीधे शरीर के प्रतिरोधी तंत्र पर हमला करता है। इसलिए डेंगू सहित अन्य बीमारियों के जोखिम को नजर अंदाज करना इस समय काफी खतरनाक हो सकता है। बीमारी कोई भी हो, उसके उपचार से बेहतर उससे बचाव ही होता है और डेंगू के मामले में तो बचाव ही सबसे बड़ा हथियार माना गया है। क्योंकि अभी तक इसकी कोई वैक्सीन नहीं बनी है।