हल्द्वानी: दवाओं की बिक्री हुई कम, मास्क और सैनेटाइजर भी लोग भूले

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हल्द्वानी, अमृत विचार। कोरोना की दूसरी लहर के दौरान कोरोना का इलाज करने में इस्तेमाल होने वाली दवाओं की बिक्री बढ़ गई थी। साथ ही सैनेटाइजर और मास्क की भी खपत ज्यादा होने लगी थी लेकिन अब जब कोरोनो के मामले थमे हुए हैं तब एक बार फिर से इनकी बिक्री में काफी गिरावट आई …

हल्द्वानी, अमृत विचार। कोरोना की दूसरी लहर के दौरान कोरोना का इलाज करने में इस्तेमाल होने वाली दवाओं की बिक्री बढ़ गई थी। साथ ही सैनेटाइजर और मास्क की भी खपत ज्यादा होने लगी थी लेकिन अब जब कोरोनो के मामले थमे हुए हैं तब एक बार फिर से इनकी बिक्री में काफी गिरावट आई है।

कोरोना के इलाज में मुख्य तौर पर एजिथ्रोमाइसिन, पेरासिटामोल, विटामिन सी, विटामिन डी, आइवरमेक्टिन जैसी दवाओं की बिक्री काफी बढ़ गई थी। एक अनुमान के तहत एक माह में ही हल्द्वानी में इन दवाओं की लाखों में बिक्री हो गई थी। लेकिन जुलाई से इनकी बिक्री में गिरावट शुरू हो गई। इसके साथ ही सैनेटाइजर और मास्क की भी बिक्री में गिरावट शुरू हो गई। विशेषज्ञों का कहना है कि कोरोना से संबधित दवाओं की बिक्री में गिरावट आई है यह चिंता का नहीं बल्कि राहत की बात है।

क्योंकि कोरोना कम होने के साथ ही इनकी बिक्री में गिरावट स्वाभाविक है लेकिन सैनेटाइजर और मास्क की बिक्री में गिरावट आना चिंता का विषय है। इधर आम तौर पर भी लोग सैनेटाइजर और मास्क का कम इस्तेमाल कर रहे हैं। मेडिकल स्टोर स्वामियों का कहना है कि कोरोना से जुड़ी दवाओं की बिक्री में जहां 70 प्रतिशत तक गिरावट आई है वहीं मास्क और सैनेटाइजर की बिक्री बहुत कम हो रही है। एक तरह से लग रहा है कि मास्क और सैनेटाइजर का इस्तेमाल करना लोग भूल गए हैं।

कोरोना की दूसरी लहर की समय दवाओं की बिक्री काफी बढ़ गई थी। साथ ही मास्क और सैनेटाइजर भी लोग खूब ले रहे थे। अब लग रहा है कि मास्क और सैनेटाइजर का इस्तेमाल काफी कम किया जा रहा है।- संदीप जोशी, महामंत्री, ड्रगिस्ट ऐसोसिएशन

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