मुरादाबाद: महापंचायत को लेकर काफियाबाद का गर्माया माहौल, दौड़ती रही पुलिस
मुरादाबाद अमृत विचार। भोजपुर थाना क्षेत्र में गार्ड की हत्या के बाद विभिन्न मांगों को लेकर अखिल भारतीय अंबेडकर युवक संघ द्वारा की जाने वाली दलित पंचायत को लेकर रविवार को माहौल काफी गर्माया रहा। करीब तीन दिन पहले दिए गए अल्टीमेटम के कारण रविवार को दिन निकलने के साथ ही पुलिस अलर्ट हो गई। …
मुरादाबाद अमृत विचार। भोजपुर थाना क्षेत्र में गार्ड की हत्या के बाद विभिन्न मांगों को लेकर अखिल भारतीय अंबेडकर युवक संघ द्वारा की जाने वाली दलित पंचायत को लेकर रविवार को माहौल काफी गर्माया रहा। करीब तीन दिन पहले दिए गए अल्टीमेटम के कारण रविवार को दिन निकलने के साथ ही पुलिस अलर्ट हो गई। काफियाबाद गांव में होने वाली पंचायत के तहत पुलिस ने आनन-फानन में टेंट उखड़वा दिया। दलित समाज के लोगों को इसकी जानकारी हुई तो उनका पारा चढ़ गया। सभी जुलूस की शक्ल में इस्लामनगर चौराहे की ओर बढ़े तो पुलिस-प्रशासनिक अफसरों के हाथ-पैर फूल गए।
मान-मनौव्वल के बाद भी बात नहीं बनी तो अफसरों के तेवर भी तल्ख हो गए। इसके बाद समाज के लोगों ने इस्लामनगर चौराहे पर एक बैठक कर अपनी नाराजगी जाहिर की। आरोपियों की गिरफ्तारी होने के बाद वह लोग पीड़ित परिजनों को मुआवजा व सरकारी नौकरी देने की मांग कर रहे थे। अफसरों ने हर संभव मद्द का आश्वासन देकर किसी तरह से मामले को शांत कराया। इस दौरान करीब तीन घंटे मुरादाबाद-काशीपुर मार्ग पर अफरा-तफरी का माहौल रहा।
त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के मतदान के एक दिन पहले से भोजपुर थाना क्षेत्र के ग्राम काफियाबाद का माहौल खराब हो गया था। मतदान से पहले चुनावी रंजिश में प्रधान पद के दो प्रत्याशियों के बीच विवाद हो गया था। इस विवाद में हुई फायरिंग में पूर्व प्रधान के भाई की गोली लगने से मौत हो गई थी। पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। इस मामले में गांव निवासी गार्ड सुरेंद्र सिंह आरोपियों की पैरवी कर रहा था। करीब 15 दिन पहले फैक्ट्री से लौटते समय गार्ड सुरेंद्र सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस हत्या के पीछे गार्ड के परिजनों ने चुनावी रंजिश का हवाला देते हुए पांच लोगों को नामजद कराया था। पुलिस ने कुछ आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था लेकिन दो फरार चल रहे थे।
धरना-प्रदर्शन के बाद दी थी महापंचायत की चेतावनी
इस मामले में गार्ड के परिजनों के समर्थन में अखिल भारतीय अंबेडकर युवक संघ के पदाधिकारी भी आ गए थे। अन्य आरोपियों की धरपकड़ के लिए पदाधिकारियों ने धरना-प्रदर्शन करना शुरू कर दिया था। उनका कहना था कि फरार चल रहे आरोपी पीड़ित के परिजनों को धमका रहे हैं। साथ ही वह लोग पीड़ित परिजनों को मुआवजा व सरकारी नौकरी देने की मांग कर रहे थे। कई बार हुए धरना-प्रदर्शन के बाद भी जब आरोपी गिरफ्तार नहीं हुए तो अखिल भारतीय अंबेडकर युवक संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष महावीर सिंह मौर्य ने रविवार को काफियाबाद गांव में दलित समाज की महापंचायत करने का ऐलान कर दिया था। इस ऐलान के बाद पुलिस-प्रशासनिक अफसरों में हड़कंप मच गया था। आनन-फानन में अफसरों ने मान-मनौव्वल का दौर शुरू कर दिया। इस बीच अन्य दो आरोपियों को हल्द्वानी पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया।
दिन निकलने के साथ ही अलर्ट हुई पुलिस
वहीं रविवार को दिन निकलने के साथ ही दलित समाज की महापंचायत को लेकर पुलिस-प्रशासनिक अफसर अलर्ट हो गए। एसपी ग्रामीण विद्या सागर मिश्र, एसडीएम प्रशांत तिवारी व सीओ डा. अनूप सिंह के नेतृत्व में भारी फोर्स मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने आनन-फानन में काफियाबाद गांव में लगे टेंट को उखड़वा दिया। इस दौरान दलित समाज के तमाम लोग भी मौके पर आ गए थे। टेंट उखड़वाने से खफा लोगों ने इस्लामनगर चौराहे पर जाम लगाने की बात कहते हुए कूच कर दिया।
इसके बाद अफसरों ने भारी फोर्स के साथ बीच रास्ते में रोक दिया। काफी देर नोकझोंक होने के बाद अफसरों ने केवल बैठक करने की अनुमति दी। इसके बाद सभी इस्लामनगर चौराहे पहुंचे और वहां पर बैठक की। जहां पर सभी ने आरोपियों की गिरफ्तारी होने पर संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि अभी कई अन्य मांगों पर अफसर विचार नहीं कर रहे हैं। वह लोग पीड़ित परिजनों को मुआवजा व सरकारी नौकरी देने की मांग कर रहे थे। करीब तीन घंटे तक चली बैठक के बाद सीओ व एसडीएम ने सभी मांगों को जल्द से जल्द पूरा करने का आश्वासन दिया। इस दौरान मौके पर अफरा-तफरी का माहौल रहा।
