पंजाब में टला संकट

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Edited By Amrit Vichar
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पंजाब में कांग्रेस के सामने आया सियासी संकट फिलहाल टल गया है। नवजोत सिंह सिद्धू के करीबी विधायक चरणजीत चन्नी पंजाब के नए मुख्यमंत्री होंगे। पंजाब के प्रभारी हरीश रावत ने ट्वीट कर इसकी जानकारी दी। इसे सिद्धू की अमरिंदर सिंह पर बड़ी सियासी जीत के तौर पर देखा जा रहा है। चन्नी कैप्टन अमरिंदर …

पंजाब में कांग्रेस के सामने आया सियासी संकट फिलहाल टल गया है। नवजोत सिंह सिद्धू के करीबी विधायक चरणजीत चन्नी पंजाब के नए मुख्यमंत्री होंगे। पंजाब के प्रभारी हरीश रावत ने ट्वीट कर इसकी जानकारी दी। इसे सिद्धू की अमरिंदर सिंह पर बड़ी सियासी जीत के तौर पर देखा जा रहा है। चन्नी कैप्टन अमरिंदर सिंह के धुर विरोधी रहे हैं। अमरिंदर सिंह के खिलाफ अगस्त में हुई बगावत की अगुवाई करने वालों में चन्नी प्रमुख थे।

उन्होंने कहा था कि पंजाब के मुद्दों को हल करने के लिए हमें अमरिंदर पर भरोसा नहीं रहा। चमकौर साहिब सीट से तीन बार के विधायक चन्नी दोआब क्षेत्र में कांग्रेस के कद्‌दावर नेता हैं और बड़े दलित सिख नेता के तौर पर जाने जाते हैं। इससे कुछ देर पहले तक सुखजिंदर सिंह रंधावा का नाम आगे चल रहा था लेकिन उनके नाम पर नवजोत सिद्धू राजी नहीं थे। सिद्धू खेमे को अपनी बात सुनने वाला मुख्यमंत्री चाहिए था। उन्होंने दलित मुख्यमंत्री बनाने की बात कही और चन्नी का नाम तय हो गया।

दरअसल सुखजिंदर रंधावा का स्वभाव भी कुछ-कुछ अमरिंदर सिंह जैसा ही है जो सिद्धू के माफिक नहीं होता। चन्नी के सहारे कांग्रेस ने पंजाब में 32 प्रतिशत दलित वोट बैंक पर निशाना साधा है। इसके अलावा अकाली दल के दलित डिप्टी सीएम बनाने के चुनावी वादे का भी तोड़ निकाल लिया। भाजपा ने भी दलित मुख्यमंत्री बनाने का वादा किया था। आम आदमी पार्टी दावा करती रही है कि उन्होंने पंजाब विधानसभा में दलित नेता हरपाल चीमा को विपक्ष का नेता बनाया है।

कांग्रेस ने इस दांव से सभी दलों को सियासी पटखनी देने का प्रयास किया है। इधर पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने नये मुख्यमंत्री चन्नी को शुभकामनाएं देने के साथ-साथ पंजाब को सीमा पार के खतरों से बचाने की सलाह देकर नवजोत सिंह सिद्धू पर निशाना साधा। बहरहाल इस बीच असंतुष्टि के सुर भी उठने लगे हैं। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री कपिल सिब्बल ने पार्टी की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़ा किया है।

सिब्बल ने बीजेपी शासित राज्य उत्तराखंड और गुजरात का नाम लेते हुए पंजाब का जिक्र भी किया है। सिब्बल ने ट्वीट करते हुए कहा ‘सेनापति बदले जा रहे हैं- उत्तराखंड, गुजरात, पंजाब… सदियों पुरानी कहावत: सही समय पर उठाया गया छोटा कदम भविष्य की बड़ी समस्याओं से बचाता है लेकिन क्या यह होगा?’ कपिल सिब्बल उन 23 नेताओं में हैं जिन्होंने पिछले साल कांग्रेस पार्टी की अध्यक्ष सोनिया गांधी को पत्र लिखकर संगठनात्मक सुधार की मांग की थी। हालांकि चर्चा रही है कि कांग्रेस इस बार पंजाब में उत्तर प्रदेश का फॉर्मूला अपनाने जा रही है। पार्टी दो उप मुख्यमंत्री भी बनाएगी।