बरेली: रोडवेज बसों में हजारो किलोमीटर का सफर सिर्फ एक चालक के भरोसे, खतरे में जान
बरेली, अमृत विचार। उत्तर प्रदेश के बरेली में रोडवेज बसों से सफर करना यात्रियों की जान से खिलवाड़ करने जैसा होता जा रहा है। रोडवेज के अधिकारी एक ही चालक से हजारो किलोमीटर तक का सफर तय करा रहे है। जिसकी वजह से कई बार हादसे भी हो चुके है। इसी मामले को लेकर मंगलवार …
बरेली, अमृत विचार। उत्तर प्रदेश के बरेली में रोडवेज बसों से सफर करना यात्रियों की जान से खिलवाड़ करने जैसा होता जा रहा है। रोडवेज के अधिकारी एक ही चालक से हजारो किलोमीटर तक का सफर तय करा रहे है। जिसकी वजह से कई बार हादसे भी हो चुके है। इसी मामले को लेकर मंगलवार के लिए रोडवेज कर्मचारी संयुक्त परिषद ने रुहेलखंड डिपो के एआरएम को एक पत्र भेजा है। जिसमें उन्होंने 300 किलोमीटर से अधिक दूरी पर दो चालक देने की मांग की है।
1200 किलोमीटर तक एक ही चालक लेकर जाता है बस
पत्र के मुताबिक संघ ने एआरएम से कहा है कि बरेली से अजमेर 1200 किमी, बरेली से चण्डीगढ़ 982 किमी, बरेली से देहरादून 680 किमी, शाहजहाँपुर से दिल्ली 722 किमी, बन्डा से दिल्ली 676 किमी दूर तक संचालित होने वाली सभी बसों में केवल एक ही चालक (सिंगल क्रू) दिया जा रहा है। जबकि मुख्यमंत्री का स्पष्ट आदेश है कि 300 किमी से अधिक लम्बी दूरी की संचालित होने वाली सभी परिवहन निगम की सेवाओं को दो चालक होना अनिवार्य है। जिससे यात्रियों को कोई समस्या न हो।
पहले भी हो चुके है हादसे
पत्र में एआरएम रुहेलखंड डिपो को बताया गया है कि बीते वर्ष 2019 में अवध डिपो की एसी बस लखनऊ दिल्ली एक्सप्रेस-वे पर दुर्घटनाग्रस्त हुई थी। जिसमें करीब 44 यात्रियों की मौत हो गई थी। साथ ही विभाग को भी आर्थिक हानि उठानी पड़ी थी। कारण था कि चालक से डबल ड्यूटी कराना। संगठन ने आरोप लगाया है कि रुहेलखंड डिपो के सुवरवाईजर अभी भी बरेली अजमेर, चण्डीगढ़, देहरादून, शाहजहाँपुर-दिल्ली, बंडा-दिल्ली मार्गों पर सिंगल चालकों से डबल डियूटी करा रहे है।
