बरेली: ट्रांसलोकेट होने से पहले ही गिरने लगे विकास भवन रोड पर पेड़

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बरेली, अमृत विचार। स्मार्ट सिटी के तहत शहर की कई सड़कों के चौड़ीकरण और नाला निर्माण का काम चल रहा है। आधा दर्जन से अधिक सड़कों को इस काम के लिए नगर निगम ने खोद दिया है लेकिन इनके किनारे खड़े पेड़ों को जस के तस खड़ा छोड़ दिया गया। मगर खुदाई के कारण इन …

बरेली, अमृत विचार। स्मार्ट सिटी के तहत शहर की कई सड़कों के चौड़ीकरण और नाला निर्माण का काम चल रहा है। आधा दर्जन से अधिक सड़कों को इस काम के लिए नगर निगम ने खोद दिया है लेकिन इनके किनारे खड़े पेड़ों को जस के तस खड़ा छोड़ दिया गया। मगर खुदाई के कारण इन पेड़ों की जड़ें बाहर दिखाई देने लगी हैं।

इस खबर को अमृत विचार ने प्रमुखता से बीते दिनों प्रकाशित करते हुए चिंता जाहिर की थी। शनिवार को आए तेज तूफान और बारिश के कारण विकास भवन रोड पर जड़े कमजोर होने के कारण पेड़ धराशायी हो गया। हैरानी की बात यह है चंद कदम की दूरी पर प्रभागीय वनाधिकारी और मुख्य वन संरक्षक का आवास और कार्यालय है लेकिन विभाग के अधिकारियों को इसकी खबर तक नहीं।

बता दें कि चौपला से चौकी चौराहा, चौकी चौराहा से कंपनी गार्डन, कंपनी गार्डन से शाहमतगंज, शाहमतगंज से डेलापीर चौराहा, चौकी चौराहा से अय्यूब खां चौराहा तक की सड़कों के चौड़ीकरण और नाला निर्माण का कार्य स्मार्ट सिटी के तहत प्रस्तावित है। इन सड़कों को चौड़ा करने के लिए करीब 750 से 800 पेड़ों को ट्रांसलोकेट किया जाएगा। पेड़ों को इन सड़कों से उखाड़कर सीबीगंज स्थित कान्हा उपवन ले जाया जाना है।

पेड़ ट्रांसलोकेट होने से पहले ही नगर निगम द्वारा सड़क किनारे जमीन की खुदाई और नाला निर्माण का काम शुरू कर दिया गया जिसकी वजह से पेड़ों की जड़ें दिखाई देने लगी थी। जगह-जगह पेड़ों की जड़ें दिखाई देने उनके गिरने की आशंका बढ़ गई। शनिवार को विकास भवन रोड पर अर्बन हाट के आगे एक पेड़ धराशायी हो गया। यहां भी नगर निगम द्वारा नाला निर्माण के लिए जमीन खोदी गई है। करीब दो हफ्ते पहले ही सड़क खोद दी गई थी।

नगर निगम द्वारा जमीन भी उपलब्ध करा दी गई है मगर पेड़ों का ट्रांसलोकेशन का काम शुरू नहीं हो पाया है जिसकी वजह से जड़े कमजोर होने के कारण पेड़ गिरने लगे हैं। पेड़ गिरने के बारे में वन विभाग के अधिकारियों से पूछा गया खुद को अंजान बताते हुए टीम भेजकर दिखवाने की बात कही। पेड़ों का ट्रांसलोकेशन कब शुरू किया जाएगा इसका जवाब विभाग के अधिकारियों के पास फिलहाल नहीं है।

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