सीतापुर: यूपी पुलिस का फ्लीट मैनेजमेंट होगा और बेहतर, जवानों को दी जा रही हाईटेक ट्रेनिंग
सीतापुर। उत्तर प्रदेश पुलिस के फ्लीट मैनेजमेंट की बेहतरी के लिए पुलिस के परिवहन विभाग ने अच्छी पहल की है। जवानों को तकनीकी तौर पर दक्ष बनाने के लिए उत्तर प्रदेश के एकमात्र पुलिस मोटर परिवहन ट्रेनिंग सेंटर में जवानों की हाईटेक ट्रेनिंग शुरू की गई है। सीतापुर स्थित पुलिस मोटर वाहन ट्रेनिंग सेंटर में …
सीतापुर। उत्तर प्रदेश पुलिस के फ्लीट मैनेजमेंट की बेहतरी के लिए पुलिस के परिवहन विभाग ने अच्छी पहल की है। जवानों को तकनीकी तौर पर दक्ष बनाने के लिए उत्तर प्रदेश के एकमात्र पुलिस मोटर परिवहन ट्रेनिंग सेंटर में जवानों की हाईटेक ट्रेनिंग शुरू की गई है। सीतापुर स्थित पुलिस मोटर वाहन ट्रेनिंग सेंटर में 20 सितंबर से पूरे प्रदेश से पुलिस परिवहन विभाग के 120 मुख्य आरक्षियों को ट्रेनिंग के लिए भेजा गया है। इनकी ट्रेनिंग शुरू हो चुकी है। पहली खेप में 120 जवानों काे चार माह का प्रशिक्षण दिया जाएगा।
दूसरी खेप में 109 जवान प्रशिक्षण के लिए आएंगे। इस प्रशिक्षण के बाद उत्तर प्रदेश पुलिस को नई तकनीक के साथ ट्रेनिंग करने वाले उच्च कोटि के संचालक मुख्य आरक्षी परिवहन मिल जाएंगे। जिससे उत्तर प्रदेश पुलिस के वाहनों को समुचित रखरखाव और फ्लीट मैनेजमेंट के लिए इन जवानों से लाभ लिया जा सकेगा। यह जानकारी देते हुए राज्य पुलिस मोटर वाहन अधिकारी आलोक श्रीवास्तव ने बताया कि यहां कुल 229 मुख्य आरक्षी परिवहन का प्रशिक्षण होना है।

इनमें से पहले चरण के लिए 120 जवानों का प्रशिक्षण शुरू करा दिया गया है। इनका प्रशिक्षण चार माह चलेगा। यह जवान एवांस मैकेनिक कोर्स में प्रशिक्षत किए जाएंगे। प्रशिक्षण पूरा करने के बाद यह उत्तर प्रदेश पुलिस के वाहनों को सुसज्जित रखने का काम करेंगे। खास बात यह है कि इस प्रशिक्षण के बाद यह जवान एसआईएमटी बनने के पात्र भी हो जाएंगे। जानकारी हो कि मुख्य आरक्षी परिवहन का यह मकैनिकल कोर्स तीन साल बाद शुरू होने जा रहा है। मुख्य आरक्षी परिवहन के लिए यह प्रशिक्षण अनिवार्य है।
जवानों को दी जाएगी हाईटेक वाहनों के संचालन की ट्रेनिंग
एसपीएमवीओ ने बताया कि जवानों को हाईटेक वाहनों के संचालन, उनके रखरखाव और संचालन सुरक्षा सहित कई तकनीकी तरह का प्रशिक्षण दक्ष प्रशिक्षकों द्वारा दिया जाएगा। इसमें वाहनों के मैकेनिकल सिस्टम, अधुनिक वाहनों की तकनीक के साथ ही महिंद्रा एंड महिंद्रा, टाटा मोटर्स, मारूति सुजुकी, आयशर मोटर्स, टोयटा मोटर्स, फोर्स मोटर्स, के तकनीकी विशेषज्ञों द्वारा नए लांच हो रहे वाहनों, बीएस-6 वाहनों की तकनीक के साथ कम्प्यूटराइज्ड वाहनों, उनके संचालन सुरक्षा के बारे में विशेष तौर से जवानों को प्रशिक्षत किया जाएगा।
ट्रेनिंग सेंटर को उच्चीकृत करने की चल रही कवायदें
विभागीय अधिकारियों ने बताया कि उत्तर प्रदेश के एकमात्र पुलिस मोटर वाहन ट्रेनिंग सेंटर को उच्चीकृत करने के प्रयास चल रहे हैं। इसके लिए प्रस्ताव तैयार कर भेजा गया था। करीब 20 करोड़ की लागत से इस प्रशिक्षण केंद्र को और बेहतर बनाने की तैयारी है। शासन स्तर पर कार्रवाईयां चल रही हैं। इस योजना में प्रगति होने के बाद तीन सौ जवानों के लिए हास्टल, मेस, प्रशिक्षण हाल, प्रशासनिक भवन सहित अन्य कार्य होने हैं। ऐसा होने पर यह प्रशिक्षण केंद्र ट्रेनिंग सेंटर के रूप में और बेहतर ढंग से काम कर पाएगा।
