पाक की साजिश
पाकिस्तान घुसपैठियों और आतंकवादियों के जरिए भारत को अस्थिर करने की कोशिश से बाज नहीं आ रहा है। फिलहाल घाटी के हालात बेहतर हुए हैं और पाकिस्तान इसे बिगाड़ने की पूरी कोशिश कर रहा है। इसी कड़ी में आतंकी घुसपैठ की कोशिशें लगातार की जा रही हैं। सेना के अनुसार नियंत्रण रेखा के पार लांच …
पाकिस्तान घुसपैठियों और आतंकवादियों के जरिए भारत को अस्थिर करने की कोशिश से बाज नहीं आ रहा है। फिलहाल घाटी के हालात बेहतर हुए हैं और पाकिस्तान इसे बिगाड़ने की पूरी कोशिश कर रहा है। इसी कड़ी में आतंकी घुसपैठ की कोशिशें लगातार की जा रही हैं। सेना के अनुसार नियंत्रण रेखा के पार लांच पैड पर आवाजाही बढ़ गई है। सोमवार को उरी सेक्टर में सेना ने पाकिस्तानी आतंकी को गिरफ्तार करने में सफलता पाई है।
गिरफ्तार आतंकवादी लश्कर-ए-तैयबा का सदस्य और पाकिस्तान के पंजाब प्रांत का निवासी है। 26 सितंबर को एक आतंकी मारा भी गया था। सेना के अनुसार वे यहां किसी हमले के इरादे से आए थे। पाकिस्तान की ओर से हाल के दिनों में घुसपैठ के कई प्रयास किए गए हैं। उरी के नजदीक रामपुर सेक्टर में 23 सितंबर को भारतीय सुरक्षाबलों ने तीन आतंकियों को ढेर कर दिया था। बताया गया कि आतंकवादी बंदूकों और ग्रेनेड का भारी जखीरा लेकर किसी बड़ी साजिश को अंजाम देने के लिए भारत में पाकिस्तान की ओर से दाखिल हुए थे।
पाकिस्तान के भारत-विरोधी मनसूबे जगजाहिर हैं। साफ है कि घुसपैठ की कोशिश पाकिस्तानी सेना की सक्रिय मिलीभगत के बिना नहीं हो सकती। वह लगातार आतंकी संगठनों को हर तरीके से मदद का प्रयास कर रहा है। दरअसल, पाकिस्तान के आतंकवादी संगठन, आईएसआई और वहां की सरकार भारत को अस्थिर करने के लिए अनेक मोर्चों पर सक्रिय हैं। भारत में आतंकवादियों की घुसपैठ कराने में आईएसआई की सक्रियता के अनेक प्रमाण हैं। उसके सहयोग से पाकिस्तानी सेना भी सरहद के आर-पार अनेक उकसाने वाली गतिविधियों में सक्रिय हैं।
ऐसी हरकतों के लिए भारत की ओर से जब भी पाकिस्तान पर अंगुली उठाई जाती हैं तो वह सीधे नकार-भाव की मुद्रा में खड़ा हो जाता है। जबकि आईएसआई ने पुराने आतंकी संगठनों को सुरक्षाबलों के दबाव से बचाने और खुद को जम्मू कश्मीर में आतंकी हिंसा से अलग दिखाने के लिए ही टीआरएफ, पीएएफएफ और लश्कर-ए मुस्तफा व गजनवी फोर्स जैसे संगठनों को तैयार कराया है, जबकि यह संगठन सिर्फ दिखावे के लिए हैं।
दरअसल, पिछले कुछ सालों से आतंकवादियों को अपनी अपेक्षा के मुताबिक स्थानीय आबादी का सहयोग नहीं मिल रहा है, मगर अब कश्मीर में स्थानीय पुलिस, खुफिया विभाग और सुरक्षा बलों के बीच बेहतर तालमेल की वजह से ऐसी घुसपैठ को रोकने में कामयाबी की दर बढ़ी है। पाकिस्तान की साजिशों को नाकाम करने के लिए भारतीय सुरक्षा बल हमेशा सतर्क रहते हैं और वे मुंहतोड़ जवाब देने में सक्षम हैं।
