एसडीआरएफ ने रचा कीर्तिमान, माउंट गंगोत्री पीक की फतह
देहरादून, अमृत विचार। एसडीआरएफ के 11 जवानों ने बुधवार को माउंट गंगोत्री पीक गंगोत्री-1 (21889 फीट) फतह कर ली। उत्तराखंड के डीजीपी अशोक कुमार ने बताया कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बीती नौ सितंबर को एसडीआरएफ गंगोत्री-1 पर्वतरोहण अभियान 2021 का फ्लैग ऑफ किया था। 17 सदस्यीय एसडीआरएफ की यह टीम लगातार पीक समिट …
देहरादून, अमृत विचार। एसडीआरएफ के 11 जवानों ने बुधवार को माउंट गंगोत्री पीक गंगोत्री-1 (21889 फीट) फतह कर ली। उत्तराखंड के डीजीपी अशोक कुमार ने बताया कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बीती नौ सितंबर को एसडीआरएफ गंगोत्री-1 पर्वतरोहण अभियान 2021 का फ्लैग ऑफ किया था। 17 सदस्यीय एसडीआरएफ की यह टीम लगातार पीक समिट हेतु आरोहण कर रही थी।

महज अभियान नहीं, जीवन बदलने वाला अनुभव
डीजीपी के अनुसार, पर्वतारोहण मात्र एक अभियान नहीं, बल्कि यह प्राणपोषक, पुरस्कृत और जीवन बदलने वाला अनुभव हो सकता है। यह आम बात नहीं है अपितु इसके लिए अदम्य साहस और कुछ कर गुजरने का जुनून अनिवार्य है। इस रोमांचित सफर में दृढ़ता व धैर्य दोनों आवश्यक हैं। उच्च ऊंचाई पर असहनीय ठंड,ऑक्सीजन की कमी,हिमस्खलन का खतरा जैसी कई कठिनाईयों का सामना करना पड़ता है। जिससे पार पाने के लिए शारिरिक और मानसिक दृढ़ता जरूरी है। इन्हीं बातों को ध्यान में रखते हुए इस 17 सदस्यीय टीम का चयन भी किया गया था।
तीन दिन तक किया इंतजार
गंगोत्री-1 को समिट करने हेतु टीम को लगातार तीन दिवस तक खराब मौसम व बर्फबारी के कारण समिट कैंप में ही इंतज़ार करना पड़ा। 29 सितंबर 2021 यानी 00:30 बजे मौसम थोड़ा ठीक होते ही टीम ने समिट हेतु समिट कैंप से आरोहण शुरू किया और बुधवार सुबह 08:15 बजे गंगोत्री-1 को सकुशल फतह कर उत्तराखंड पुलिस का झंडा फहरा दिया।

अनिता के हाथ कमान, प्रीति ने पाया गौरव
एसडीआरएफ द्वारा इस अभियान के माध्यम से एक नया कीर्तिमान रचा गया है। यह उत्तराखंड पुलिस के इतिहास में पहली बार है कि पर्वतारोहण के ऐसे जोखिम भरे अभियान की कमान एक महिला इंस्पेक्टर अनिता गैरोला द्वारा सम्भाली गयी। इसके अतिरिक्त 11 सदस्यीय एसडीआरएफ की जिस पर्वतारोहण टीम ने गंगोत्री-1 को समिट किया, उनमें महिला आरक्षी प्रीति मल भी शामिल रहीं, जिन्होंने किसी भी पीक को समिट करने वाली प्रथम महिला कर्मी होने का गौरव हासिल किया है। उत्तराखंड पुलिस का महिला सशक्तीकरण का अनूठा उदाहरण देता एसडीआरएफ का यह अभियान निश्चित रूप में प्रदेश की सभी नारीशक्ति में साहस एवं नई ऊर्जा का संचार करेगा।
