बरेली: एसआरएमएस रिद्धिमा में हुआ ‘त्रिशंकु’ का मंचन
बरेली, अमृत विचार। एसआरएमएस रिद्धिमा में बुधवार को कलाकारों ने त्रिशंकु नाटक के मंचन किया। नाटक के माध्यम से शिक्षित बेरोजगार युवा का दर्द दिखाया गया। कहानी की शुरुआत एक नाटक से होती है। थिएटर वाली की नजर एक परेशान, कन्फ्यूज्ड युवा पर पड़ती है जो नौकरी की तलाश में अपनी डिग्री लिए यहां-वहां भटक …
बरेली, अमृत विचार। एसआरएमएस रिद्धिमा में बुधवार को कलाकारों ने त्रिशंकु नाटक के मंचन किया। नाटक के माध्यम से शिक्षित बेरोजगार युवा का दर्द दिखाया गया। कहानी की शुरुआत एक नाटक से होती है। थिएटर वाली की नजर एक परेशान, कन्फ्यूज्ड युवा पर पड़ती है जो नौकरी की तलाश में अपनी डिग्री लिए यहां-वहां भटक रहा होता है। वह युवक भविष्य में एक बड़ा आदमी तो बनना चाहता है लेकिन उसे ये नहीं पता कि बड़ा आदमी बनेगा कैसे।
इसी लड़के से शुरू होती है नाटक ‘त्रिशंकु’ की कहानी। नाटक का मुख्य पात्र अपनी डिग्री लेकर एक कंपनी में जाता है लेकिन उसे नौकरी नहीं मिलती, जिसके बाद वह नौकरी की सिफारिश के लिए एक नेता के पास जाता है। नेताजी भी उसे बाहर का रास्ता दिखा देते हैं। आखिर में थक हार कर लड़का कुंठित हो जाता है।
तभी वह एक बुद्धिजीवी आदमी से टकराता है, जो पढ़ा लिखा होने के बाद भी जिंदगी में कुछ नहीं कर पाया। बुद्धिजीवी आदमी लड़के को समझाता है कि मेरी तो उम्र निकल गई लेकिन तेरे पास अभी वक़्त है तू जिंगगी में सही राह को चुन सकता है। भविष्य में कुछ नहीं बना तो तू त्रिशंकु की तरह बीच में लटका रह जाएगा। युवक पर उस बुद्धिजीवी की बात का कोई असर नहीं होता और वह अंत में आत्महत्या कर लेता है।
नाटक का निर्देशन अंबुज कुकरेती ने किया गया। थिएटर वाली का किरदार नीलम वर्मा, महिला अफसर का डा. दीपशिखा जोशी, बुद्धिजीवी का विनायक श्रीवास्तव, नेता का अंशुमान, सेठ का शिवम यादव ने निभाया। साथ ही गौरव यादव, जीत, मानेश यादव, अभिनव, सौम्या, रमाकांत, रिया सक्सेना और संजीवनी महान सपोर्टिंग कैरेक्टर रहे। सभागार में एसआरएमएस ट्रस्ट के चेयरमैन देव मूर्ति, आशा मूर्ति, ऋ चा मूर्ति, डीन एकेडमिक सीईटी डा. प्रभाकर गुप्ता और शहर के सम्भ्रांत लोग मौजूद रहे।
