चिंता बढ़ाता चीन

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Edited By Amrit Vichar
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भारतीय सीमा में बार-बार घुसपैठ कर चीन उकसावे की कार्रवाई कर रहा है। पिछले महीने चीन के सैनिक वास्तविक नियंत्रण रेखा का उल्लंघन कर उत्तराखंड के बाड़ाहोती सेक्टर में घुस आए थे। यह घटना ऐसे समय में सामने आई है, जब पूर्वी लद्दाख के कई बिंदुओं पर भारत और चीन के बीच गतिरोध जारी है। …

भारतीय सीमा में बार-बार घुसपैठ कर चीन उकसावे की कार्रवाई कर रहा है। पिछले महीने चीन के सैनिक वास्तविक नियंत्रण रेखा का उल्लंघन कर उत्तराखंड के बाड़ाहोती सेक्टर में घुस आए थे। यह घटना ऐसे समय में सामने आई है, जब पूर्वी लद्दाख के कई बिंदुओं पर भारत और चीन के बीच गतिरोध जारी है।

लद्दाख और उत्तराखंड से लगे सीमाई इलाकों में चीन की बढ़ती हरकतें चिंता पैदा करने वाली हैं। पिछले दिनों उसने पूर्वी लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा पर ऊंचाई वाले क्षेत्रों में अपने सैनिकों के रहने के लिए बड़ी संख्या में तंबू भी तान डाले। साथ ही चीन भारतीय सीमा के पास तिब्बत के गांव में सैन्य ठिकानों के निर्माण पर भी भारी निवेश कर रहा है ताकि भारत पर दबाव बना सके। चिंता की बात है कि चीन हमेशा इसी तरह हमले और कब्जे की रणनीति अपनाता रहा है।

कोई संदेह नहीं कि इस तरह की तनावपूर्ण गतिविधियों से चीन भारत को उकसाना चाह रहा है। उसे लग रहा है कि जवाबी कार्रवाई में भारत कुछ करे और फिर विवाद खड़े हों। भारत और चीन के बीच सीमा गतिरोध पिछले साल मई में पैंगोंग झील क्षेत्र में हिंसक झड़प के बाद शुरू हुआ था। पिछले साल 15 जून को गलवान घाटी में हुई झड़प के बाद यह गतिरोध बढ़ गया था।

गलवान घाटी में चीन ने जानबूझ कर भारतीय सैनिकों को निशाना बनाया था। पूर्वी लद्दाख के गतिरोध को खत्म करने के लिए भारत और चीन के बीच वार्ताओं का सिलसिला जारी है। सवाल कि जिस सीमा विवाद को लेकर भारत और चीन के बीच जो बातचीत हो रही थी क्या चीन उसे बर्बाद करने पर तुला हुआ है। चीन की हरकतें देख कर सवाल उठता है कि गलवान घाटी में हुए संघर्ष के 17 महीनों बाद भी चीन आखिर क्यों नहीं सुधर रहा है और वह बार-बार भारत को उकसाने की कार्रवाई क्यों कर रहा है?

इसमें कोई संदेह नहीं कि सीमाई इलाकों में सैन्य गतिविधियां बढ़ा कर चीन भारत पर दबाव बनाने की कोशिश कर रहा है। हाल के महीनों में अमेरिका, आस्ट्रेलिया, जापान और भारत के ‘क्वाड’ की सक्रियता से उसकी परेशानी साफ झलक रही है। क्वाड में भारत की बढ़ती भूमिका से भी चीन हिला हुआ है।

इसलिए भारतीय इलाकों में घुसपैठ और हमले करके वह भारत को धमका रहा है। गुरुवार को थल सेना प्रमुख जनरल एम. एम. नरवणे ने कहा कि हम चीन के किसी भी दुस्साहस का सामना करने के लिए तैयार है। ऐसे में चीन को समझना चाहिए कि यह वक्त विवाद बढ़ाने का नहीं, बल्कि लंबित मुद्दों को शांति के साथ निपटाने का है।