रामपुर: पुलिस उत्पीड़न से परेशान सिख परिवार का राज्यमंत्री के आवास पर धरना
रामपुर, अमृत विचार। पुलिस उत्पीड़न से परेशान होकर एक सिख परिवार शनिवार की सुबह 10 बजे से जलशक्ति राज्यमंत्री बलदेव औलख के आवास परिसर में धरने पर बैठा गया। पूरे दिन धरने पर बैठे रहने के बाद शाम करीब पांच बजे राज्यमंत्री के बेटे और भतीजों ने आश्वासन देकर धरने को समाप्त कराया। कहा कि …
रामपुर, अमृत विचार। पुलिस उत्पीड़न से परेशान होकर एक सिख परिवार शनिवार की सुबह 10 बजे से जलशक्ति राज्यमंत्री बलदेव औलख के आवास परिसर में धरने पर बैठा गया। पूरे दिन धरने पर बैठे रहने के बाद शाम करीब पांच बजे राज्यमंत्री के बेटे और भतीजों ने आश्वासन देकर धरने को समाप्त कराया। कहा कि रविवार को पुलिस अधीक्षक से इस बारे में वार्ता की जाएगी।
सिविल लाइंस थाना क्षेत्र के अजीतपुर निवासी गुरमेल सिंह ने दो साल पहले कुछ लोगों से एक वाहन खरीदा था। उसके बाद उन्होंने सेल लैटर पर भी साइन करा लिए थे। लेकिन कुछ माह के बाद कमलजीत सिंह ने पुलिस से साठ गांठ करके उस पर वाहन लूटने का मुकदमा दर्ज करा दिया था। जोकि फर्जी है, पीड़ित अपने आप को निर्दोष बताते हुए अधिकारियों के चक्कर काट रहा है। उसने मुख्यमंत्री और पुलिस महानिदेशक तक से इस बारे में शिकायत की थी। लेकिन उसके बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हो सकी।
पुलिस ने इस दौरान लूट की धारा को हटा दिया था। उसने राज्यमंत्री बलदेव औलख से लेकर भाजपा जिलाध्यक्ष तक गुहार लगाई। लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो सकी। थक हारकर शनिवार को गुरमेल सिंह पत्नी बेटी और बेटे के साथ राज्यमंत्री बलदेव सिंह औलख के जजेज रोड पर स्थित आवास परिसर में चादर बिछाकर धरने पर बैठ गया।
इस बात की जानकारी मिलने के बाद राज्यमंत्री ने भी संपर्क साधा। शाम पांच बजे उनका बेटा कीरत सिंह और भतीजे ने गुरमेल सिंह को आश्वसन दिया। उसके बाद कहीं जाकर धरना समाप्त कराया। उनका कहना है कि रविवार को एएसपी और विवेचक को राज्यमंत्री ने घर बुलाया है।
जेल भी जा चुका गुरमेल सिंह
पीड़ित गुरमेल सिंह फर्जी मुकदमे में जेल भी जा चुका है वह लगातार पत्र के माध्यम से लोगों को अपने बेगुनाह होने की जानकारी दे रहा है। लेकिन उसके बाद भी कहीं पर सुनवाई नहीं हो रही है। पीड़ित को लगातार पुलिस द्वारा उत्पीड़न किया जा रहा है।
प्रधानमंत्री से इच्छा मृत्यु की मांग तक कर चुके गुरमेल
पुलिस के उत्पीड़न से परेशान होकर गुरमेल सिंह ने प्रधानमंत्री को पत्र भेजकर इच्छा मृत्यु तक की गुहार लगा चुके हैं उनका कहना है कि उनके साथ धोखाधड़ी हुई है उसके बाद आरोपियों ने उस पर झूठा मुकदमा दर्ज कराया है पुलिस भी आरोपियों के साथ मिलकर लगातार परेशान किया जा रहा है।
