बरेली: जिंदा को कागजों में मृत दिखाकर रोक दी विधवा पेंशन
बरेली, अमृत विचार। सदर तहसील क्षेत्र में राजस्व कर्मियों की बड़ी लापरवाही सामने आई है। सरकारी कागजों में कर्मचारियों ने जिंदा महिला को मृत दिखाकर उसकी विधवा पेंशन रोक दी। चार माह से वह ब्लाक और तहसील स्तरीय अधिकारियों के चक्कर काटकर यह साबित करने की कोशिश में जुटी है कि वह जिंदा है। थकहार …
बरेली, अमृत विचार। सदर तहसील क्षेत्र में राजस्व कर्मियों की बड़ी लापरवाही सामने आई है। सरकारी कागजों में कर्मचारियों ने जिंदा महिला को मृत दिखाकर उसकी विधवा पेंशन रोक दी। चार माह से वह ब्लाक और तहसील स्तरीय अधिकारियों के चक्कर काटकर यह साबित करने की कोशिश में जुटी है कि वह जिंदा है। थकहार कर महिला ने डीएम कार्यालय में दस्तक दी। जिसके बाद उसे जांच और कार्रवाई का आश्वासन दिया गया।
सदर तहसील की भण्डरिया निवासी शांती देवी के पति नरेंद्रपाल की करीब 20 साल पहले मृत्यु हो गई थी। लंबी भागदौड़ के बाद जैसे-तैसे 2017 में भाजपा सरकार में उनकी विधवा पेंशन बनी। इसके बाद से लगातार पेंशन आती रही। चार महीने पहले अचानक पेंशन पर रोक लगा दी गई। पेंशन की आस में अधिकारियों से पास पहुंची तो कोई सुनवाई नहीं हुई।
मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत की तो जिला प्रोबेशन कार्यालय से भेजी गई आख्या से पता चला कि राजस्व कर्मी द्वारा कराए सत्यापन में महिला के मृत होने की रिपोर्ट भेजी गई थी। इसी आधार पर उसकी पेंशन पर रोक लगा दी।
जिला प्रोबेशन अधिकारी नीता अहिरवार ने बताया कि जिंदा महिला को मृत दर्शाकर पेंशन काटने का मामला गंभीर है। इसकी जांच कराकर शीघ्र ही समस्या का समाधान किया जाएगा। सत्यापन किस आधार पर किया इसकी जानकारी भी जुटाई जाएगी।
