पीएम मोदी दिखाएंगे 100 इलेक्ट्रिक बसों को हरी झंडी, राजधानी को मिलने जा रही सौगात
लखनऊ। शहरवासियों को बेहतर परिवहन सुविधा मिले। इसके लिए लखनऊ सिटी ट्रांसपोर्ट सर्विसेज लिमिटेड की नई इलेक्ट्रिक बसें संचालन को तैयार हैं। इन बसों को सिर्फ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से हरी झंडी का इंतजार है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पहले 26 सितंबर को प्रस्तावित कार्यक्रम था। जिसमें इन बसों को हरी झंडी मिलना था, लेकिन …
लखनऊ। शहरवासियों को बेहतर परिवहन सुविधा मिले। इसके लिए लखनऊ सिटी ट्रांसपोर्ट सर्विसेज लिमिटेड की नई इलेक्ट्रिक बसें संचालन को तैयार हैं। इन बसों को सिर्फ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से हरी झंडी का इंतजार है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पहले 26 सितंबर को प्रस्तावित कार्यक्रम था। जिसमें इन बसों को हरी झंडी मिलना था, लेकिन अब थोड़ा इंतजार और बढ़ गया है। अब पीएम का प्रस्तावित कार्यक्रम अक्टूबर के पहले सप्ताह में है। अब तभी शहरवासियों को इन बसों की सौगात मिल पाएगी।
लखनऊ में होना है 100 बसों का संचालन
लखनऊ सिटी ट्रांसपोर्ट सर्विसेस लिमिटेड के बस बड़े में हाईफाई इलेक्ट्रिक बसों का बेड़ा जुड़ने भी लगा है। पहले चार प्रोटोटाइप इलेक्ट्रिक बसों को ट्रायल के लिए संचालित किया गया था। 10 रूटों पर यह बसें संचालित हुईं और ट्रायल सफल रहा। लखनऊ सिटी ट्रांसपोर्ट सर्विसेज लिमिटेड ने बसों के संचालन को लेकर तैयारियां भी पूरी कर ली हैं। बसों का चार्जिंग स्टेशन भी बनकर तैयार है। अब इन बसों को इंतजार है तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हरी झंडी का। पहले 26 सितंबर को ही शहरवासियों को इन बसों की सौगात मिल जाती लेकिन अब प्रधानमंत्री का प्रस्तावित कार्यक्रम अक्टूबर में है। लिहाजा, कुछ दिन शहरवासियों को इन बसों में सफर करने के लिए और प्रतीक्षा करनी होगी।
25 इलेक्ट्रॉनिक सिटी बस के 10 रूट इस प्रकार हैं…
- अंबेडकर यूनिवर्सिटी से विराज खंड 26.3 KM
- दुबग्गा से बीबीडी यूनिवर्सिटी 25.8 KM
- दुबग्गा से बस बस स्टेशन कविता 37.3 KM
- दुबग्गा से इंटीग्रल यूनिवर्सिटी 38.7 KM
- दुबग्गा से विराज खंड सीतापुर बाईपास 36.7 KM
- मड़ियावा से आलमबाग 18 KM
- विराज खंड से आलमबाग 22.8 KM
- दुबग्गा से एकेटीयू 17.1 KM
- गुडंबा से एसजीपीजीआई 37.2 KM
- दुबग्गा से विराज खंड सीतापुर बाईपास 36.6 KM
लखनऊ सिटी ट्रांसपोर्ट सर्विसेज लिमिटेड के प्रबंध निदेशक पल्लव कुमार बोस बताते हैं कि यह बसें अत्याधुनिक हैं। सभी तरह की सुविधाएं इन इलेक्ट्रिक बसों में मौजूद हैं। ध्वनि प्रदूषण को ध्यान में रखकर ही शहर में इन बसों का संचालन कराया जा रहा है। प्रदेश के सात महानगरों में कुल 700 इलेक्ट्रिक सिटी बसें संचालित होनी हैं। इनमें से 100 बसें राजधानी को मिलेंगी। इससे शहरवासियों का आवागमन आसान हो जाएगा।
