नवरात्रि विशेष: सिटी मजिस्ट्रेट ऋचा सिंह ने कोरोनाकाल में निभाई अहम प्रशासनिक जिम्मेदारी, बनी मिसाल
हल्द्वानी, अमृत विचार। या देवी सर्वभूतेषु शक्ति रूपेण संस्थिता, नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम:… मां भगवती की स्तुति के इस मंत्र में मां दुर्गा के शक्ति रूप की महिमा का बखान किया गया है। मां दुर्गा का यही शक्ति रूप प्रशासनिक सेवा में जुटीं ऋचा सिंह की कार्यशैली में भी देखने को मिलता है। कोरोना …
हल्द्वानी, अमृत विचार। या देवी सर्वभूतेषु शक्ति रूपेण संस्थिता, नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम:… मां भगवती की स्तुति के इस मंत्र में मां दुर्गा के शक्ति रूप की महिमा का बखान किया गया है। मां दुर्गा का यही शक्ति रूप प्रशासनिक सेवा में जुटीं ऋचा सिंह की कार्यशैली में भी देखने को मिलता है। कोरोना काल जैसी विषम परिस्थितियों के बीच दोहरी प्रशासनिक व्यवस्थाओं की बागडोर संभालने वाली सिटी मजिस्ट्रेट ऋचा सिंह हर किसी के लिए मिसाल बन गईं।

बता दें कि कोरोनाकाल में ऋचा सिंह को हल्द्वानी का एसडीएम का अतिरिक्त पदभार दिया गया था। उस दौरान वह लालकुआं की एसडीएम थीं। ऐसे में उनके ऊपर दो शहरों की जनता की जिम्मेदारी आ गई थी। लेकिन वह अपने कर्तव्यों से पीछे नहीं हटी और उन्होंने बखूबी अपनी जिम्मेदारी निभाई। जिसका नतीजा यह रहा कि वर्तमान में उन्हें हल्द्वानी का सिटी मजिस्ट्रेट बना दिया गया है। आपको जानकार हैरानी होगी कि ऋचा सिंह प्रशासनिक कार्यों के अलावा धार्मिक कार्यक्रमों में भी रुचि रखती हैं। यहीं नहीं उन्होंने अपने बच्चों को भी धार्मिक परंपराओं से जोड़ के रखा है। परिवार और प्रशासनिक कार्यों की जिम्मेदारी बखूबी निभाना किसी शक्ति स्वरूप से कम नहीं है।

पिता को मानती हैं जिंदगी में बदलाव की वजह
सिटी मजिस्ट्रेट ऋचा सिंह अपने पिता को अपने जीवन में बदलाव की वजह बताती हैं। बताया कि उनके पिता को उन्होंने हमेशा सामाजिक कार्य करते हुए देखा है। जिससे प्रेरित होकर उन्होंने भी तय कर लिया कि वह भी लोगों की सेवा करेंगी। इसलिए उन्होंने पीसीएस का पेपर दिया और आज शहर में सिटि मजिस्ट्रेट की जिम्मेदारी निभा रही हैं।
