रामपुर: दढ़ियाल के अकबराबाद में अवैध खनन के दौरान दो पक्ष भिड़े, जमकर फायरिंग
रामपुर,अमृत विचार। कोतवाली टांडा और दढियाल चौकी क्षेत्र के गांव अकबराबाद में अवैध खनन को लेकर दो पक्ष भिड़ गए। दोनों पक्षों की और से हथियारों से जमकर फायरिंग की गई। फायरिंग से अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलते ही पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। दोनों पक्षों की ओर से कोतवाली टांडा में तहरीर दे …
रामपुर,अमृत विचार। कोतवाली टांडा और दढियाल चौकी क्षेत्र के गांव अकबराबाद में अवैध खनन को लेकर दो पक्ष भिड़ गए। दोनों पक्षों की और से हथियारों से जमकर फायरिंग की गई। फायरिंग से अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलते ही पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। दोनों पक्षों की ओर से कोतवाली टांडा में तहरीर दे दी गई है। एक पक्ष की ओर से रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। फायरिंग की घटना के बाद भी इलाके में अवैध खनन बंद नहीं है।
टांडा के गांव अकबराबाद में बडे़ पैमाने पर अवैध खनन के किया जा रहा है। गांव अकबराबाद से 5 किलोमीटर के इलाके में एक दर्जन से अधिक स्टोन क्रेसर हैं। स्टोन क्रेसरों पर कोसी नदी से अवैध खनन कर स्टाक किया जाता है। सूत्रों के अनुसार शुक्रवार सुबह दस बजे अवैध खनन के इलाकों को लेकर दो पक्ष आमने सामने आ गए। दोनों पक्षों की और से एक दूसरे पर अवैध हथियारों से लैस होकर फायरिंग की गई। फायरिंग होने से गांव में अफरा तफरी मच गई।
ग्रामीणों ने दहशत के चलते अपने घरों के दरवाजे बंद कर लिए। सूचना पाकर पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने मौके से दो वाहनों को अपने कब्जे में ले लिया। दोनों पक्षों ने एक दूसरे पर फायरिंग व मारपीट करने की पुलिस को तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की है। पुलिस ने एक पक्ष की और से नसीम खान, अजीम खान पुत्र नन्ने खान निवासी अकबराबाद के खिलाफ 307, 341, 324, 504, 506, 427 में रिपोर्ट दर्ज कर ली है। जबकि दूसरे पक्ष नसीम खान की और से रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई है। एसएसआई नरेश कुमार ने बताया कि रिपोर्ट दर्ज हुई है जिस पर जांच की जा रही है।
सरकारी राजस्व को रोजाना होता लाखों रुपये का नुकसान
कोतवाली टांडा के गांव अकबराबाद में अवैध खनन के दर्जनों धंधेबाज हैं। रोजाना शाम ढलते ही अवैध खनन के माफिया सक्रिय हो जाते हैं। रोजाना जेसीबी व फोर बाई फोर टैक्टर अवैध खनन को अंजाम देकर सरकारी राजस्व को लाखों रुपये का चूना लगा रहा है। उसके बाद भी कार्रवाई नहीं हो रही है।
अवैध खनन में पुलिस की भूमिका संदिग्ध
अवैध खनन के कार्य में दढ़ियाल पुलिस की भूमिका भी संदिग्ध है। खनन के दौरान पुलिस के जवान भी कोसी नदी के क्षेत्र में देखे जा सकते हैं। तहसील के राजस्व कर्मी और खनन अधिकारी तक मौके पर जाने की हिम्मत नहीं जुटाते हैं। यहां छापामारी करने टीम पहुंचती है उससे पहले ही खनन माफिया को सूचना मिल जाती है। माफिया छिप जाते हैं। कई बार अधिकारियों पर हमला भी किया जा चुका है।
किसी भी दिन हो सकता है बडा हादसा
खनन के दौरान कोतवाली टांडा के गांव अकबराबाद भी किसी भी दिन बड़ा हादसा हो सकता है। अवैध खनन के कारोबारी आए दिन अवैध खनन के क्षेत्र को लेकर फायरिंग करना की बात आम हो गई है। यह बात अलग है कि पुलिस तक बात पहुंचने से पहले की आपसी समझौता हो जाता है।
घरों में खड़े रहते हैं खनन करने वाले वाहन
अकबराबाद गांव पूरी तरह से आबाद है। इस गांव में आलीशान कोठियां मिल जाएंगी। इनके भीतर खनन करने के लिए जेसीबी, पोकलैन मशीनें और डंपर खड़े मिल जाएंगे। लेकिन किसी पुलिस और प्रशासन के अधिकारी की हिम्मत नहीं है कि वह इन मशीनों को सीज कर दे। इन मशीनों से ही खनन किया जाता है। गांव के पास ही कोसी नदी है। नदी तक पहुंचने में देर नहीं लगती है।
माफिया की संपत्ति की हो जांच
अकबराबाद के कुछ खनन माफिया की संपत्ति की जांच हो जाए तो पता चल जाएगा कि यह अकूत संपत्ति कहां से आई है। इतना बड़ा कोई धंधा नहीं है जोकि यह इतने कम समय में इतनी संपत्ति अर्जित कर लें। गांव के कुछ लोग अवैध खनन की वजह से अकूत संपत्ति के मालिक बने बैठे हैं। जिला प्रशासन को इनके खिलाफ संपत्ति की जांच करानी चाहिए। पहले कुछ लोग इस तरह की मांग भी प्रशासन से कर चुके हैं।
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